India Leather Exports: EU FTA और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद दिख रही स्थिरता, 2030 तक $14 अरब का लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Leather Exports: EU FTA और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद दिख रही स्थिरता, 2030 तक $14 अरब का लक्ष्य
Overview

India के लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY26) में एक्सपोर्ट्स **$5.25 अरब** से **$5.5 अरब** के बीच स्थिर रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के **$5.6 अरब** के करीब है। यह मजबूती यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और अमेरिकी टैरिफ (tariffs) के बावजूद दिख रही है।

EU ट्रेड डील: ग्रोथ का नया इंजन

यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ हाल ही में हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) India के लेदर और फुटवियर सेक्टर के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होने वाला है। EU, भारतीय लेदर सामानों के लिए सबसे बड़ा मार्केट है, जो कुल एक्सपोर्ट रेवेन्यू का लगभग 43% हिस्सा रखता है। इस एग्रीमेंट के तहत, कई लेदर और फुटवियर प्रोडक्ट्स पर जीरो इम्पोर्ट ड्यूटी लगने की उम्मीद है, जिससे भारतीय मैन्युफैक्चरर्स की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी। Council for Leather Exports (CLE) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर R Selvam के मुताबिक, यह कदम 2030 तक $14 अरब के महत्वाकांक्षी एक्सपोर्ट टारगेट को हासिल करने में मदद करेगा।

अमेरिकी टैरिफ के आगे टिके रहने की क्षमता

अगस्त 2023 में अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद से भारतीय लेदर इंडस्ट्री को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन उपायों से काफी दबाव पड़ा, फिर भी सेक्टर ने उल्लेखनीय रेजिलिएंस (resilience) दिखाई और नवंबर तक 1% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ बनाए रखी। इस स्थिरता का एक बड़ा कारण सरकारी मदद भी थी, जिसने मार्केट डाइवर्सिफिकेशन (diversification) को आसान बनाया। एक्सपोर्ट्स को यूनाइटेड किंगडम, रूस, अन्य यूरोपीय देशों और सुदूर पूर्व के मार्केट्स की ओर मोड़ने पर फोकस किया गया, जिससे अमेरिकी व्यापार एक्शन का सीधा असर कम हुआ।

डोमेस्टिक इकोसिस्टम के लिए पॉलिसी सपोर्ट की दरकार

सेक्टर की ग्रोथ और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को और मजबूती देने के लिए, CLE ने केंद्र सरकार से 'फोकस प्रोडक्ट स्कीम' (Focus Product Scheme) लागू करने की अपील की है। अगर यह स्कीम पूरे फुटवियर और लेदर सेक्टर में – सभी फिनिश्ड गुड्स, जरूरी इनपुट्स और रॉ मैटेरियल्स को कवर करते हुए – लागू हो जाती है, तो यह एक मजबूत डोमेस्टिक प्रोडक्शन इकोसिस्टम तैयार करने में मदद करेगी। इस तरह का पॉलिसी सपोर्ट नेशनल और इंटरनेशनल दोनों तरह के इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए जरूरी माना जा रहा है, जो CLE के 2030 तक $50 अरब के कुल टर्नओवर (turnover) के लक्ष्य की ओर ले जाएगा। इस लक्ष्य में $36 अरब डोमेस्टिक सेल्स से और $14 अरब एक्सपोर्ट से आएंगे। यह 2024-25 में दर्ज किए गए $24.6 अरब के टर्नओवर (जिसमें $19 अरब डोमेस्टिक और $5.6 अरब एक्सपोर्ट्स शामिल थे) से काफी ज्यादा है।

तमिलनाडु में निवेश और रोजगार का सृजन

लेदर इंडस्ट्री का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब, तमिलनाडु में, नए यूनिट्स और एक्सपेंशन के लिए लगभग ₹12,000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट का वादा किया गया है। इन इन्वेस्टमेंट्स से लगभग 1.35 लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जो सेक्टर के रीजनल इकोनॉमिक महत्व को दर्शाता है। चेन्नई में आगामी इंडिया इंटरनेशनल लेदर फेयर (India International Leather Fair), जो 1 से 3 फरवरी, 2026 तक आयोजित होने वाली है, में 425 से अधिक डोमेस्टिक और 67 इंटरनेशनल एग्जीबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है। यह इवेंट इंडस्ट्री की क्षमताओं को प्रदर्शित करने और नए बिजनेस कोलेबोरेशन्स (collaborations) की तलाश के लिए एक महत्वपूर्ण मंच का काम करेगा, जिससे आगे और इन्वेस्टमेंट और मार्केट एक्सेस को बढ़ावा मिल सकता है।

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