📉 Hindoostan Mills का बड़ा कदम: Karad टेक्सटाइल यूनिट की मशीनरी ₹15 Cr में बिकेगी
कंपनी के लिए Karad, महाराष्ट्र स्थित यह टेक्सटाइल यूनिट काफी मायने रखती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, इसने कंपनी के कुल टर्नओवर का 52.60% हिस्सा यानी ₹17.13 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया था। अगर कंपनी के पूरे ₹32.57 करोड़ के टर्नओवर को देखें तो यह एक बहुत बड़ा योगदान था।
अब इस यूनिट की मशीनरी की बात करें तो इसकी नेट ब्लॉक वैल्यू (किताबों में दर्ज कीमत) ₹5.65 करोड़ है। लेकिन, कंपनी ने इसकी बिक्री के लिए ₹15 करोड़ का फ्लोर प्राइस (न्यूनतम विक्रय मूल्य) तय किया है। यह कीमत बुक वैल्यू से 165% से भी ज्यादा है, जो दर्शाता है कि कंपनी अच्छी खासी प्रीमियम पर यह डील फाइनल करना चाहती है।
यह पूरी डील मार्च 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, इस सौदे के लिए कंपनी के शेयरधारकों (Shareholders) से मंजूरी लेना सबसे पहला और अहम कदम होगा। मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी खरीदार के नाम का खुलासा करेगी।
बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि यह मशीनरी कौन खरीदता है। क्या खरीदार प्रमोटर ग्रुप (Promoter Group) या किसी संबंधित कंपनी से है, यह जानकारी अभी सामने नहीं आई है। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही बातचीत शुरू होगी, और उम्मीद है कि इस डील में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी, खासकर तब जब यह यूनिट कंपनी के कारोबार का इतना बड़ा हिस्सा है। यह सेल किसी स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) या स्लम्प सेल (Slump Sale) के तौर पर नहीं की जा रही है, और संबंधित पार्टी के लेनदेन (Related Party Transaction) की जानकारी पर भी गौर किया जाएगा।
🚩 जोखिम और भविष्य की राह
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी तय ₹15 करोड़ के फ्लोर प्राइस पर या उससे ऊपर मशीनरी बेच पाएगी। इसके अलावा, इतने बड़े टर्नओवर वाले यूनिट को बेचने के बाद कंपनी अपने भविष्य के रेवेन्यू की भरपाई कैसे करेगी, यह भी देखना होगा। कंपनी को यह भी स्पष्ट करना होगा कि इस बिक्री से जुटाई गई पूंजी (Capital) का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा और भविष्य में ग्रोथ के लिए कौन से नए रास्ते तलाशे जाएंगे।