Gokaldas Exports: 2028 तक ₹6,000 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य, क्या प्रमोटर प्लेज बनेगा बाधा?

TEXTILE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gokaldas Exports: 2028 तक ₹6,000 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य, क्या प्रमोटर प्लेज बनेगा बाधा?

Apparel कंपनी Gokaldas Exports ने FY28 तक ₹6,000 करोड़ का सालाना रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह ग्रोथ BRFL Textiles के मर्जर और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के जरिए आएगी, हालांकि कर्ज और प्रमोटर शेयर प्लेज निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

Gokaldas Exports ने मार्च 2028 तक सालाना ₹6,000 करोड़ रेवेन्यू का रणनीतिक लक्ष्य तय किया है। कंपनी ने हाल ही में Q1 FY27 में 21% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹1,180 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज कर एक मजबूत शुरुआत की है।

मर्जर और विस्तार की राह

कंपनी की ग्रोथ रणनीति का मुख्य आधार BRFL Textiles के साथ विलय है। जुलाई 2026 में शेयरधारकों से मिली मंजूरी के बाद, अब कंपनी झारखंड और कर्नाटक में नई ग्रीनफील्ड फैसिलिटीज तैयार कर रही है। उम्मीद है कि ये नए प्लांट FY28 की दूसरी छमाही से रेवेन्यू में योगदान देना शुरू कर देंगे।

ग्लोबल मार्केट और चुनौतियां

कंपनी के ऑर्डर बुक 2026 की तीसरी तिमाही तक भरे हुए हैं, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राहत की बात है। अमेरिका से टैरिफ हटने और भारत-यूके ट्रेड पैक्ट के कारण नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, पश्चिमी बाजारों में रिटेल डिमांड में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है।

निवेशकों की चिंताएं

निवेशकों की नजर कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर है। कंपनी का लक्ष्य FY29 तक कर्ज को ₹300 करोड़ के नीचे लाना है, लेकिन अभी भी कर्ज का स्तर अधिक है। सबसे बड़ा रिस्क प्रमोटर शेयर प्लेजिंग है, जो 96.3% के ऊंचे स्तर पर है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।

मुनाफे की स्थिति

Q1 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 7% बढ़कर ₹44.3 करोड़ रहा। हालांकि, कॉटन की बढ़ती कीमतों और कच्चे माल की महंगाई का मार्जिन पर दबाव है। 27 अगस्त 2026 को शेयर ₹774.90 पर बंद हुआ था, जो इसके 52-वीक हाई ₹955 से काफी नीचे है। भविष्य में शेयर की चाल मर्जर के सफल क्रियान्वयन और कर्ज कम करने की रफ्तार पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.