Q3 FY26 में कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन
Q3 FY26 में Garment Mantra Lifestyle का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर ₹9,891.02 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,205.90 लाख के मुकाबले 348.4% ज्यादा है।
मुनाफे की बात करें तो इसमें और भी बड़ी छलांग लगी है। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2295.1% बढ़कर ₹427.45 लाख पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह सिर्फ ₹17.84 लाख था। इस दौरान बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹0.09 रहा।
राइट्स इश्यू का बड़ा असर
इस शानदार परफॉरमेंस का एक मुख्य कारण कंपनी द्वारा किए गए बड़े कॉर्पोरेट एक्शन हैं, जिसमें हालिया राइट्स इश्यू शामिल है। इस इश्यू के चलते कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों बेसिस पर, यह कैपिटल बेस पिछले साल के ₹2,007.68 लाख से बढ़कर ₹5,138.45 लाख (31 दिसंबर 2025 तक) हो गया है।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन और 9 महीने के नतीजे
कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। यह 85.5% बढ़कर ₹2,739.22 लाख हो गया (पिछली बार ₹1,476.54 लाख)। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 321.5% बढ़कर ₹76.54 लाख रहा।
नौ महीने की अवधि (9M FY26) के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106.5% बढ़कर ₹20,108.92 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 500.3% बढ़कर ₹939.18 लाख हो गया।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
हालांकि, इन आंकड़ों पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। रेवेन्यू और प्रॉफिट में इतनी बड़ी बढ़ोतरी काफी हद तक राइट्स इश्यू से बढ़ी कैपिटल के कारण है। जहां कैपिटल बढ़ने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होती है, वहीं यह प्रति शेयर मेट्रिक्स को पतला भी कर सकती है, अगर ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी उसी रफ्तार से न बढ़े। ऑडिटर की रिपोर्ट अनमॉडिफाइड (unmodified) है, जो नतीजों को भरोसा देती है। लेकिन, कंपनी ने भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (guidance) नहीं दिया है, जिससे आगे की परफॉरमेंस का अंदाजा लगाना मुश्किल है।