Filatex India Limited ने Q3FY26 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। इन नतीजों में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में ज़बरदस्त उछाल देखा गया है, भले ही रेवेन्यू (Revenue) में मामूली गिरावट आई हो। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹1049.70 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की समान अवधि (YoY) के मुकाबले 1.78% कम है, और पिछली तिमाही (QoQ) से 2.44% की गिरावट दर्शाता है।
लेकिन, कंपनी ने लागत प्रबंधन (Cost Management) और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) में बेहतरीन काम किया है। इसके चलते, स्टैंडअलोन EBITDA में साल-दर-साल (24.16%) की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और यह ₹93.58 करोड़ पर पहुंच गया। इससे EBITDA मार्जिन सुधरकर 8.91% हो गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 16.68% की मजबूत वृद्धि देखी गई, जो ₹55.34 करोड़ रहा, और PAT मार्जिन 5.27% पर दर्ज किया गया।
अगर नौ महीने की अवधि (9MFY26) के प्रदर्शन को देखें, तो नतीजे और भी प्रभावशाली हैं। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा, जिसमें साल-दर-साल (0.09%) की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹3175.03 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि EBITDA में 43.02% का भारी उछाल आया और यह ₹260.27 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि PAT में 54.15% की प्रभावशाली वृद्धि के साथ यह ₹143.65 करोड़ दर्ज किया गया। यह लगातार प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार का संकेत देता है।
उत्पादन वॉल्यूम (Production Volume) में Q3FY26 में साल-दर-साल 5.12% की गिरावट आई और यह 96,978 MT रहा, जबकि बिक्री वॉल्यूम (Sales Volume) में मामूली 1.10% की गिरावट के साथ यह 100,318 MT दर्ज किया गया। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि मार्जिन में सुधार अनुशासित निष्पादन (Disciplined Execution) और उच्च-मूल्य वाले उत्पादों (Higher-value Products) की ओर रणनीतिक बदलाव के कारण हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि QCO (Quality Control Order) नियमों में ढील का मार्जिन पर असर पड़ा है।
Filatex India अपनी क्षमता का विस्तार करने में काफी सक्रिय है। इसके ₹300 करोड़ के टेक्सटाइल-टू-टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट ( 26,750 TPA क्षमता) और ₹235 करोड़ के PFY क्षमता विस्तार प्रोजेक्ट (लगभग 55,000 TPA क्षमता) 2026 में चालू होने वाले हैं। इसके अलावा, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सिंग को भी बढ़ावा दे रही है, जिसका लक्ष्य नवंबर 2026 तक 55% रिन्यूएबल पावर का उपयोग करना है। ऑटोमेशन प्रोजेक्ट जून 2026 तक पूरे हो जाएंगे।
एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के तहत, कंपनी की सब्सिडियरी Texfil Private Limited ने Indeca Sporting Goods Pvt. Ltd. (जो Decathlon Group का हिस्सा है) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। इस सहयोग का मकसद स्पोर्ट्स अपैरल में रीसाइकिल्ड पॉलिएस्टर के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
कंपनी को उम्मीद है कि कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता, 2026-27 के यूनियन बजट जैसी सकारात्मक सरकारी नीतियां, प्रस्तावित इंडिया-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), और अमेरिका के इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कमी जैसे कारक भविष्य में विकास के लिए सहायक साबित होंगे। हालांकि, QCO नियमों में ढील के कारण मार्जिन पर पड़ने वाला प्रभाव एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है।
मैनेजमेंट का विश्वास है कि वे इन अनुकूल रुझानों का लाभ उठाकर लंबी अवधि में ग्रोथ हासिल करेंगे। निवेशकों की नजर अब विस्तार परियोजनाओं के कार्यान्वयन (Execution) और Decathlon के साथ सहयोग के असर पर रहेगी।