यह कैपिटल जुटाने की प्रक्रिया Celebrity Fashions के लिए काफी महत्वपूर्ण है। प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए कंपनियां अक्सर किसी खास निवेशक या मौजूदा शेयरधारकों से फंड जुटाती हैं, जिसका इस्तेमाल विस्तार, कर्ज चुकाने या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। Celebrity Fashions के लिए, यह कदम अपनी वित्तीय क्षमता को बढ़ाने का एक प्रयास दर्शाता है।
दरअसल, 1988 से कपड़े बनाने और एक्सपोर्ट करने का काम कर रही Celebrity Fashions, पहले भी फंड जुटाने के रास्ते तलाश चुकी है। कंपनी ने 2021 के अंत में और फिर 2026 की शुरुआत में भी प्रेफरेंशियल इश्यू पर विचार किया था। हालांकि, कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं। सितंबर 2025 में, स्टॉक एक्सचेंज ने Celebrity Fashions से जून 2025 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों में विसंगतियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।
अब, 9 मार्च, 2026 को शेयर बाजार (BSE और NSE) से 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी को यह प्लान आगे बढ़ाने की इजाजत मिल गई है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इस नए फंड का इस्तेमाल अपनी वित्तीय सेहत को सुधारने और पिछले नतीजों की चिंताओं को दूर करने में कैसे करती है। साथ ही, शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया समय पर पूरी करना और लिस्टिंग एप्लीकेशन तय समय सीमा के भीतर जमा करना भी अहम होगा।