Q3 के नतीजे: नंबर्स क्या कहते हैं?
Borana Weaves Limited ने Q3 FY'26 के लिए अपने दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस का ऐलान किया है। कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कई मोर्चों पर बड़ी छलांग लगाई है:
- रेवेन्यू (Revenue): 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 42% बढ़कर ₹111.36 करोड़ पर पहुंच गया। यह मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ ऑर्डर बुक और लगातार बिक्री की वजह से संभव हुई।
- EBITDA: इस तिमाही में EBITDA में 51% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹27.09 करोड़ रहा। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 24.32% हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में लगभग 22.73% था।
- नेट प्रॉफिट (PAT): सबसे अहम बात यह है कि नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) में 63% का भारी उछाल आया और यह ₹18.55 करोड़ दर्ज किया गया। PAT मार्जिन भी बढ़कर 16.47% हो गया, जो पिछले साल 14.29% था।
- 9 महीने का प्रदर्शन (FY'26): फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में भी कंपनी की रफ्तार बनी रही। रेवेन्यू 36% बढ़कर ₹287.86 करोड़ और PAT 62% बढ़कर ₹47.40 करोड़ रहा।
मार्जिन में सुधार और कंपनी की रणनीति
इस तिमाही के नतीजों से यह साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है। EBITDA मार्जिन में लगभग 159 बेसिस पॉइंट्स (bps) और PAT मार्जिन में करीब 218 bps की बढ़ोतरी हुई है। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्राइसिंग पावर को दिखाता है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
Borana Weaves अब एक आक्रामक विस्तार की ओर बढ़ रही है। कंपनी ने मार्च 2028 तक अपनी लूम (Loom) कैपेसिटी को दोगुना करके 1,000 से 2,000 करने की योजना बनाई है। इस विस्तार पर ₹350-400 करोड़ का भारी-भरकम कैपेक्स (Capex) किया जाएगा।
- फंडिंग: खास बात यह है कि इस विस्तार के लिए कंपनी अपनी जमा पूंजी (Internal Accruals) और कर्ज (Debt) का इस्तेमाल करेगी। यानी, इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) की कोई आशंका नहीं है।
- नई यूनिट: Unit 4B का काम शुरू हो गया है, जिसमें 160 नए वाटर जेट लूम जोड़े जाएंगे। इस पर ₹35 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे सालाना ₹60-75 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
सस्टेनेबिलिटी पर जोर
कंपनी ₹125 करोड़ का निवेश रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) प्रोजेक्ट्स में भी कर रही है। इसमें रूफटॉप सोलर और सोलर-विंड हाइब्रिड सिस्टम शामिल हैं। इससे कंपनी अपनी बिजली की 70-80% जरूरतें खुद पूरी कर पाएगी, जिससे सालाना ₹18-20 करोड़ की बचत होगी।
मैनेजमेंट का भरोसा और भविष्य का अनुमान
कंपनी का मैनेजमेंट भारतीय मैन-मेड फाइबर (Man-made Fiber) सेक्टर के मजबूत आउटलुक को लेकर आश्वस्त है। वह उम्मीद कर रहा है कि नए कैपेसिटी के चालू होने और बिजली की लागत में कमी आने से EBITDA मार्जिन बढ़कर 25-25.5% तक पहुंच जाएगा।