Alpine Texworld IPO: ₹105 पर खुला शेयर, निवेशकों को मिली सपाट शुरुआत

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AuthorMehul Desai|Published at:
Alpine Texworld IPO: ₹105 पर खुला शेयर, निवेशकों को मिली सपाट शुरुआत

Alpine Texworld ने शेयर बाजार में आज सपाट एंट्री ली है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर इश्यू प्राइस ₹105 पर ही लिस्ट हुए। ₹126.25 करोड़ के इस IPO को **1.4** गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

Detailed Coverage

Alpine Texworld के शेयरों की ट्रेडिंग मंगलवार, 21 जुलाई को शुरू हुई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों पर इसकी लिस्टिंग सपाट रही। शेयर ₹105 पर खुले, जो कि इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस के बराबर था। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹381.51 करोड़ हो गया। ₹126.25 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू, जो 14 से 16 जुलाई तक चला था, 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

विस्तार और कर्ज घटाने की रणनीति

कंपनी इस फ्रेश इश्यू से मिली रकम का इस्तेमाल गुजरात के अहमदाबाद में एक नई वीविंग यूनिट (बुनाई इकाई) लगाने के लिए करेगी। इस कदम का मकसद डाइंग और फैब्रिक प्रोसेसिंग सेक्टर में अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना है। विस्तार के अलावा, Alpine Texworld कुछ रकम का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज चुकाने के लिए भी करेगी। निवेशकों के लिए कर्ज कम करना एक अहम पहलू है, क्योंकि ब्याज लागत में कमी से कंपनी के कैश फ्लो और वित्तीय स्थिरता में सुधार हो सकता है।

हालिया वित्तीय प्रदर्शन

साल 2016 में स्थापित इस कंपनी ने हाल के वार्षिक प्रदर्शन में मजबूत ग्रोथ दिखाई है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, Alpine Texworld ने कुल ₹350.18 करोड़ की आय दर्ज की, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹237.66 करोड़ की तुलना में 47% ज्यादा है। कंपनी के मुनाफे में भी तेज उछाल देखा गया, जिसमें प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) साल-दर-साल 152% बढ़कर ₹21.72 करोड़ हो गया। इसके अलावा, इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट, यानी EBITDA, ₹27.00 करोड़ से बढ़कर ₹47.45 करोड़ हो गया।

सेक्टर का संदर्भ और निवेशकों का फोकस

टेक्सटाइल प्रोसेसिंग इंडस्ट्री अक्सर हाई कंपटीशन और कच्चे माल की लागत के प्रति संवेदनशीलता के लिए जानी जाती है। हालांकि कंपनी के हालिया ग्रोथ के आंकड़े đáng chú ý (ध्यान देने योग्य) हैं, लेकिन लंबी अवधि में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अहमदाबाद में नई वीविंग यूनिट के निर्माण और चालू होने का कितनी प्रभावी ढंग से प्रबंधन करती है। निवेशकों को इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि किसी भी देरी या अप्रत्याशित पूंजीगत व्यय में वृद्धि से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, एक विकसित होते बाजार में प्रोसेस्ड फैब्रिक्स की स्थिर मांग बनाए रखना, राजस्व और मुनाफे में हालिया गति को बनाए रखने के लिए आवश्यक होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.