Vodafone Share Price: फ्रांसीसी अरबपति ने खरीदी 16.2% हिस्सेदारी, शेयर 12% उछला!

TELECOM
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Vodafone Share Price: फ्रांसीसी अरबपति ने खरीदी 16.2% हिस्सेदारी, शेयर 12% उछला!

फ्रांस के अरबपति जेवियर नील Vodafone Group के सबसे बड़े शेयरधारक बनने वाले हैं। उनकी कंपनी Vega ने UAE की e& से Vodafone का 16.2% स्टेक खरीदने पर सहमति जताई है। यह बड़ा निवेश तब आया है जब Vodafone अपने मुख्य बाजारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इस डील के कारण Vodafone के शेयर **12%** चढ़ गए हैं।

Vodafone के नए सबसे बड़े शेयरधारक बने जेवियर नील

फ्रांस के अरबपति जेवियर नील अब Vodafone Group के नए और सबसे बड़े शेयरधारक बन गए हैं। उनकी इन्वेस्टमेंट कंपनी Vega ने UAE की कंपनी e& के साथ एक पक्का एग्रीमेंट साइन किया है, जिसके तहत Vega, Vodafone का 16.2% स्टेक खरीदेगी। इस डील की वैल्यू करीब £4.4 बिलियन यानी $5.91 बिलियन (लगभग ₹49,000 करोड़) है। इस बड़े ट्रांजैक्शन से यूरोप की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक Vodafone के ओनरशिप स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आया है।

Vodafone की रीस्ट्रक्चरिंग

Vodafone अपनी CEO मारgherita Della Valle के नेतृत्व में एक बड़े टर्नअराउंड प्लान पर काम कर रही है। कंपनी इटली और स्पेन जैसे बाजारों से बाहर निकलकर अपने बिजनेस मॉडल को सरल बना रही है। हाल ही में, Vodafone ने अपने यूके यूनिट को Three UK के साथ मर्ज किया है, जिससे यह यूके का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर बन गया है। कंपनी का फोकस अब जर्मनी, ब्रिटेन और अफ्रीका जैसे अपने मुख्य बाजारों पर है।

निवेशकों की प्रतिक्रिया

इस खबर के आते ही Vodafone के शेयरों में 12% की जबरदस्त तेजी देखी गई और यह 110 पेंस पर पहुंच गया। निवेशकों को उम्मीद है कि जेवियर नील के आने से कंपनी में नई रणनीतिक दिशा मिलेगी। नील यूरोपीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में अपने एक्टिव अप्रोच और बिजनेस कंसॉलिडेशन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि Vodafone के पास हाई-क्वालिटी एसेट्स और मजबूत ब्रांड है, और कंपनी के मौजूदा एफर्ट्स से वैल्यू अनलॉक होगी।

e& का बाहर निकलना

UAE की कंपनी e& के लिए यह एक बड़ी एग्जिट (बाहर निकलना) है। e& ने 2022 में Vodafone में 9.8% हिस्सेदारी $4.4 बिलियन में खरीदी थी और धीरे-धीरे अपनी होल्डिंग बढ़ाई थी। e& ने इस बिक्री को अपने पोर्टफोलियो का स्ट्रैटेजिक री-एलाइनमेंट बताया है, जिससे कंपनी अपने कोर बिजनेस पर फिर से फोकस कर सकेगी।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें इस डील के रेगुलेटरी अप्रूवल पर होंगी। निवेशक यह भी देखेंगे कि Vodafone का बोर्ड और नील फैमिली मिलकर कंपनी के भविष्य के लिए क्या स्ट्रैटेजी बनाते हैं। Vodafone यूके मर्जर को कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट कर पाती है और अपने फोकस मार्केट्स में प्रॉफिटेबिलिटी कैसे बनाए रखती है, यह देखना अहम होगा।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.