AGR बकाए पर मिली Clarity, पर चुनौतियां बरकरार
दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने Vodafone Idea (Vi) के लंबे समय से चले आ रहे एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए को लेकर बड़ी घोषणा की है। विभाग ने Vi की कुल देनदारी ₹64,046 करोड़ तय की है। यह राशि पहले के अनुमानों से करीब 27% कम है। इस Clarity के साथ, कंपनी को अब इस रकम का भुगतान FY2041 तक करना होगा, जिससे Vi को अपने ऑपरेशंस के लिए काफी जरूरी सांस लेने की जगह मिली है।
Vi का फाइनल AGR बिल और नया पेमेंट शेड्यूल
विभाग ने Vi की AGR देनदारी ₹64,046 करोड़ फाइनल की है। नए पेमेंट प्लान के तहत, Vi को FY2032 से FY2035 के बीच हर साल कम से कम ₹100 करोड़ का भुगतान करना होगा। इसके बाद, FY2036 से FY2041 तक, कंपनी को छह बराबर वार्षिक किस्तों में ₹10,608 करोड़ चुकाने होंगे। साल 2018-19 के लिए ₹124 करोड़ का एक अलग भुगतान मार्च 2026 और मार्च 2031 के बीच देय है। 4 अप्रैल 2026 को Vi के शेयर ₹10.22 के भाव पर बंद हुए। पिछले महीने शेयर में 20% का उछाल आया है, हालांकि इसका 52-हफ्ते का रेंज ₹6.12 से ₹12.80 दिखाता है कि निवेशकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच Vi
Vodafone Idea (Vi) भारतीय टेलीकॉम बाजार में Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी दिग्गज कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। अगस्त 2025 तक, Vi के पास वायरलेस सब्सक्राइबर्स का करीब 13% हिस्सा था, जबकि Jio के पास 50.7% और Airtel के पास 31.1% था। Vi ने 5G सेवाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन उसकी क्षमताएं सीमित हैं, जिससे वह Jio और Airtel से पीछे है, जो तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं और एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में आगे हैं।
Vi की वित्तीय कमजोरी बनी हुई है
AGR भुगतान की तस्वीर साफ होने के बावजूद, Vodafone Idea की वित्तीय स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का नेट वर्थ ₹87,744 करोड़ निगेटिव था। कुल कर्ज करीब ₹2.09 लाख करोड़ है, जो इसकी अत्यधिक लीवरेज (leverage) को दर्शाता है। अनुमान है कि Vi अगले कम से कम तीन साल तक मुनाफे में नहीं आ पाएगी, और 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में ₹17,418 करोड़ का घाटा दर्ज किया था। कंपनी के 49% शेयर अब सरकार के पास हैं, जो बकाया चुकाने के बदले इक्विटी में बदले गए थे।
विश्लेषकों की राय: उम्मीद के साथ सावधानी
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि Vi के लिए चीजें सुधर सकती हैं। Citigroup ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹14 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से 37% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। यह तेजी AGR भुगतान की स्थिति स्पष्ट होने और फंडिंग जुटाने में आसानी की उम्मीद पर आधारित है। वहीं, अन्य विश्लेषक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। 21 विशेषज्ञों में से अधिकांश ने 'Neutral' रेटिंग दी है और औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस करीब ₹9.76 रखा है। यह आम राय बताती है कि AGR निपटान के फायदे के मुकाबले Vi की वित्तीय और प्रतिस्पर्धी चुनौतियां अभी भी हावी हैं।
