Vodafone Idea ने FY27 को अपने टर्नअराउंड का साल घोषित किया है। कंपनी नेटवर्क सुधारने के लिए अगले तीन सालों में **₹45,000 करोड़** का भारी निवेश करेगी। साथ ही, 2018 के मर्जर के बाद पहली बार कंपनी ने नए सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं, जिससे निवेशकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
Vodafone Idea अब डिफेंसिव मोड से निकलकर आक्रामक विस्तार के दौर में है। चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने ₹45,000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट साइकिल का खाका तैयार किया है। इस प्लान के तहत कंपनी ने Nokia, Ericsson और Samsung को ₹9,000 करोड़ के इक्विपमेंट ऑर्डर भी दे दिए हैं ताकि नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
ग्राहकों की वापसी और फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि FY27 की पहली तिमाही में इसने 19.31 करोड़ का यूजर बेस हासिल कर लिया है, जो 2018 के बाद पहली बार नेट सब्सक्राइबर ग्रोथ है। हालांकि कंपनी को अभी भी ₹3,754 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, लेकिन ग्राहकों के घटने की रफ्तार धीमी होना मैनेजमेंट की रणनीति के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
फंड का जुगाड़ और चुनौती
इस विस्तार को फंड करने के लिए कंपनी ने प्रमोटर वारंट्स और बैंक फैसिलिटी से ₹6,400 करोड़ जुटाए हैं। State Bank of India ने भी लोन देने पर सहमति जताई है, हालांकि यह अन्य लेंडर्स की प्रतिबद्धता पर टिका है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आने वाले 3 सालों में ₹49,000 करोड़ का कर्ज और स्पेक्ट्रम पेमेंट का बोझ है।
मार्केट का मूड
शेयर बाजार में कंपनी के प्रति उत्साह दिखा है। 26 अगस्त 2026 को स्टॉक ₹15.37 के अपने 52-वीक हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, Reliance Jio और Bharti Airtel जैसे दिग्गजों के बीच अपनी जगह बनाए रखने के लिए कंपनी को नेटवर्क अपग्रेड और कैश फ्लो को बेहतर बनाना होगा। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कर्ज के बोझ के बीच इस भारी निवेश को कैसे एग्जीक्यूट करती है।
