Vodafone Idea ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एक नई ग्रोथ स्ट्रैटेजी अपनाई है। कर्ज के बड़े मुद्दों को सुलझाने के बाद कंपनी अब नेटवर्क विस्तार और सब्सक्राइबर्स बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रही है।
अब होगा 'एग्जीक्यूशन' पर जोर
कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में साफ कर दिया है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 अब ऑपरेशंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम रहेगा। कंपनी ने डिफेंसिव मोड से निकलकर अब आक्रामक विस्तार की राह पकड़ ली है।
कर्ज का गणित और कायापलट
कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत AGR देनदारियों का सेटलमेंट है। यह लायबिलिटी घटकर ₹64,046 करोड़ रह गई है, जो पहले ₹87,695 करोड़ अनुमानित थी। इस स्थिरता के बाद अब कंपनी अपना पूरा ध्यान मार्केट शेयर वापस पाने में लगा रही है।
बड़ा निवेश और वेंडर्स
अगले 3 सालों (FY27 से FY29) के लिए कंपनी ने ₹45,000 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान तैयार किया है। इसके लिए Nokia, Ericsson और Samsung जैसे वेंडर्स को ₹9,000 करोड़ के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। इसका मुख्य मकसद नेटवर्क को मॉडर्न बनाना और 5G सर्विस का विस्तार करना है।
सब्सक्राइबर्स में पहली बार बढ़त
मर्जर के बाद जून 2026 की तिमाही में Vodafone Idea ने पहली बार नेट सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं। हालांकि कुल यूजर बेस 19.31 करोड़ पर स्थिर है, लेकिन 'चर्न' (Churn) में कमी आना कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव साइन है। स्टॉक में भी पिछले महीने 15% का उछाल देखा गया और यह ₹15.37 के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले 2 सालों का उच्चतम स्तर है।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
बाजार में Reliance Jio और Bharti Airtel का दबदबा बरकरार है। इसके अलावा, भारी कैपेक्स और स्पेक्ट्रम पेमेंट के कारण कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव रह सकता है। अब निवेशकों की नजरें SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम के साथ होने वाली फंडिंग डील पर टिकी हैं, जो कंपनी के अगले ग्रोथ फेज के लिए बेहद जरूरी है।
