Vodafone Idea (Vi) ने एक खास रणनीति अपनाई है, जिसके तहत कंपनी ने बड़ी टैरिफ बढ़ोतरी (tariff hike) करने के बजाय केवल मामूली मूल्य समायोजन (minor corrections) करने का फैसला किया है। यह कदम बाकी टेलीकॉम कंपनियों के उलट है, जिन्होंने हाल ही में 4% से 5% तक प्रीपेड प्लान की कीमतें बढ़ाई हैं। एनालिस्ट भी सेक्टर में 15% की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन Vi का फोकस सब्सक्राइबर को जोड़े रखने और नए ग्राहकों को आकर्षित करने पर है। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर का कहना है कि सरकार की 49% हिस्सेदारी कंपनी में विश्वास दिखाती है और प्रदर्शन सुधार का आधार है। मार्च में Vi ने 1 लाख से ज्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े, जो बाजार हिस्सेदारी की लड़ाई में उम्मीद की एक किरण है।
यह सब्सक्राइबर-केंद्रित रणनीति ऐसे समय में आई है जब भारतीय टेलीकॉम सेक्टर बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट और 5G नेटवर्क विस्तार के लिए बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) की चुनौतियों का सामना कर रहा है। Vodafone Idea की वित्तीय स्थिति एक बड़ी बाधा है। कंपनी पर ₹2,332.4 अरब का भारी कर्ज है, जबकि शेयरधारक इक्विटी (shareholder equity) ₹-824.6 अरब है, जिसके कारण डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) -282.9% है। अप्रैल 2026 तक कंपनी का P/E रेशियो लगभग -3.44 था, जो लगातार नुकसान का संकेत देता है।
प्रतिस्पर्धा के मैदान में Vodafone Idea को कड़ी चुनौती मिल रही है। 24 अप्रैल 2026 तक, Vi का शेयर लगभग ₹12.13 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि Bharti Airtel का शेयर ₹1,816.40 पर था। Q3 FY26 में Vi का ARPU (Average Revenue Per User) ₹186 रहा, जो Bharti Airtel के ₹259 और Reliance Jio के ₹213.7 से काफी कम है। वहीं, Bharti Airtel का मार्केट कैप ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक है और ROCE 13.5% है, जबकि Jio Platforms ने मजबूत Q4 FY26 के नतीजे पेश किए हैं।
एनालिस्टों का अनुमान है कि सेक्टर में ARPU का विस्तार जारी रहेगा, और जुलाई 2026 तक 12-15% की टैरिफ बढ़ोतरी हो सकती है। 5G डिप्लॉयमेंट के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) संभवतः अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे खर्चों में नरमी और इंडस्ट्री के कैश फ्लो में मजबूती आ सकती है। एनालिस्टों का सुझाव है कि टेलीकॉम कंपनियों को कैपिटल एम्प्लॉयड (Capital Employed) पर 15% रिटर्न (ROCE) हासिल करने के लिए प्रति सब्सक्राइबर ₹35-40 अतिरिक्त ARPU की आवश्यकता है। Vodafone Idea के लिए स्थायी प्रॉफिटेबिलिटी और कर्ज कम करना, ARPU बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। TRAI के वॉयस-ओनली प्लान्स जैसे रेगुलेटरी निर्देशों से यह लक्ष्य और जटिल हो सकता है। एनालिस्टों का रुख सतर्क बना हुआ है, आम सहमति रेटिंग 'होल्ड' (Hold) से 'सेल' (Sell) के बीच है, और औसत टारगेट प्राइस लगभग ₹9.76 है।
