बाजार में सोमवार को Vodafone Idea (Vi) के शेयरों ने निवेशकों को खुश कर दिया। स्टॉक करीब 3.8% चढ़कर ₹11.55 पर बंद हुआ, जिसमें 38 करोड़ से ज्यादा शेयरों का भारी वॉल्यूम देखा गया। इस तेजी की मुख्य वजह प्रमोटर कुमार मंगलम बिड़ला का 40.9 करोड़ इक्विटी शेयर ओपन मार्केट से खरीदना रहा, जिसकी कीमत ₹45.18 करोड़ थी। यह खरीद 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच हुई, जो प्रमोटर की कंपनी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसी बीच, CARE रेटिंग्स ने Vi की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटी रेटिंग को 'स्टेबल' से 'पॉजिटिव' कर दिया। यह कदम दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा ₹87,695 करोड़ के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये को 10 साल के लिए बिना ब्याज के टालने के फैसले के बाद आया है। इस सरकारी राहत ने Vi की तत्काल नकदी की कमी को कम किया है और नेटवर्क विस्तार के लिए पूंजी जुटाने की राह आसान की है। सरकार का समर्थन, जिसमें मार्च 2025 में स्पेक्ट्रम बकाये को इक्विटी में बदलना भी शामिल है, Vi को सेक्टर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
नंबर्स और कंपेरिजन
लेकिन, इन सकारात्मक खबरों के बीच कंपनी की वित्तीय तस्वीर पर गहराई से नजर डालना जरूरी है। Vi लगातार घाटे में चल रही है, जिसका अंदाजा इसके नेगेटिव प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो (-3.37 से -5.03) से लगाया जा सकता है। यह इसके प्रतिस्पर्धी भारती एयरटेल के 30.06 के P/E रेश्यो से बिल्कुल उलट है। Vi का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.20 लाख करोड़ है, जो भारती एयरटेल के बराबर है, लेकिन वित्तीय प्रदर्शन में काफी पीछे है। दिसंबर 2025 तिमाही में, Vi ने प्रति शेयर ₹0.49 का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि इसी अवधि में भारती एयरटेल ने ₹6,791.7 करोड़ का मुनाफा कमाया। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) भी नेगेटिव है, और पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ -0.62% रही है। Q3 FY26 में Vi का औसत ARPU (प्रति यूजर रेवेन्यू) मामूली बढ़कर ₹172 हुआ है, लेकिन यह टैरिफ बढ़ोतरी और 5G को अपनाने से होने वाली सेक्टर की कुल राजस्व वृद्धि की तुलना में कम है।
5G रेस और कॉम्पिटिशन
मार्च 2025 में Vi ने अपनी 5G सेवाएं शुरू कीं, जो Reliance Jio और Airtel की तुलना में काफी देर से है, जिन्होंने 2022 में ही 5G लॉन्च कर दिया था। यह देरी 5G बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने में एक बड़ी चुनौती पेश करती है। हालांकि, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में 2026 में 10-12% सालाना वृद्धि का अनुमान है, जो 5G विस्तार और डेटा की बढ़ती खपत से प्रेरित है। टावर कंपनियां भी नेटवर्क विस्तार के लिए भारी निवेश कर रही हैं।
एनालिस्ट की राय
विश्लेषकों की राय में भी इस शेयर को लेकर मतभेद है। जहां Emkay Global Financial Services ने AGR राहत के कारण Vi को 'Add' रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट को दोगुना करके ₹12 कर दिया है, वहीं ज्यादातर विश्लेषक सतर्क नजर आ रहे हैं। 21 विश्लेषकों द्वारा Vodafone Idea के लिए औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹9.40 है, जो मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से लगभग 15-22% की गिरावट का संकेत देता है। यह दिखाता है कि कुछ विश्लेषकों को टर्नअराउंड की उम्मीद है, लेकिन एक बड़ा वर्ग अभी भी कंपनी की रिकवरी और बाजार हिस्सेदारी को लेकर अनिश्चित है।
आगे का रास्ता और जोखिम
प्रमोटर के निवेश और AGR राहत के बावजूद, Vodafone Idea के लिए स्थायी रिकवरी का रास्ता मुश्किलों भरा है। AGR बकाये को टालना माफी नहीं है, और ₹87,695 करोड़ का भारी कर्ज अभी भी कंपनी पर लटका है। DoT की एक विशेष समिति इस बकाये का पुनर्मूल्यांकन कर रही है, जिसका अंतिम निर्णय अगले दो महीनों में आने की उम्मीद है। यदि यह पुनर्मूल्यांकन Vi के पक्ष में नहीं रहा, तो कंपनी पर फिर से वित्तीय दबाव आ सकता है।
Vi की प्रतिस्पर्धी स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। 5G बाजार में देर से प्रवेश करने के कारण यह Jio और Airtel से पिछड़ रही है, जिन्होंने पहले ही अपनी मजबूत नेटवर्क उपस्थिति बना ली है। कंपनी ग्राहक मंथन (churn) का भी सामना कर रही है, जो बाजार में ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती को दर्शाता है। इसके अलावा, लो इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो और लगातार कमजोर सेल्स ग्रोथ जैसी संरचनात्मक समस्याएं इसकी वित्तीय कमजोरियों को उजागर करती हैं। FY27-FY29 के बीच ₹45,000 करोड़ का नियोजित पूंजीगत व्यय (CAPEX) प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए फंड जुटाना नियामकीय परिदृश्य और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। मुख्य चुनौती इन योजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में है।
Vodafone Idea की भविष्य की राह इस बात पर निर्भर करती है कि वह हालिया नियामक और प्रमोटर समर्थन का उपयोग करके अपने परिचालन को कितना मजबूत कर पाती है और प्रतिस्पर्धी दबावों से कैसे निपट पाती है। CARE रेटिंग्स का पॉजिटिव आउटलुक और Emkay का अपग्रेड कुछ उम्मीद जगाते हैं, बशर्ते कंपनी अपनी नेटवर्क विस्तार और ग्राहक वृद्धि की रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू कर सके। हालांकि, मौजूदा विश्लेषक सहमति और वर्तमान स्तरों से नीचे के लक्ष्य बताते हैं कि महत्वपूर्ण बाधाएं बनी हुई हैं। AGR पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का समाधान एक प्रमुख निगरानी बिंदु होगा, जो कंपनी की वित्तीय स्थिरता और भविष्य के निवेश की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।