Vi की बड़ी फंड जुटाने की योजना
Vodafone Idea, जो भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में Reliance Jio और Bharti Airtel से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है, अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ी कैपिटल रेज (Capital Raise) की तैयारी में है। कंपनी के बोर्ड की 16 मई को होने वाली बैठक में इस योजना पर मुहर लग सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Vi लगभग ₹25,000 करोड़ का टर्म डेट (Term Debt) और ₹10,000 करोड़ वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए जुटाना चाहती है।
इसके अलावा, कंपनी अगले तीन वर्षों में अपने नेटवर्क को अपग्रेड करने और 5G सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ₹45,000 करोड़ का और निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी ने पहले ही ₹18,000 करोड़ का निवेश किया है। 11 मई, 2026 तक, Vi का शेयर ₹11.89 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.32 लाख करोड़ था। पिछले 52 हफ्तों में स्टॉक ₹6.12 से ₹12.80 के बीच रहा है, लेकिन कंपनी का निगेटिव P/E रेश्यो (-4.32x) लगातार घाटे की ओर इशारा करता है।
Competitors से पिछड़ती Vi
भारतीय टेलीकॉम मार्केट में Reliance Jio और Bharti Airtel का दबदबा है। मार्च 2026 तक, Jio के पास 39.2% मार्केट शेयर था, Airtel के पास 37.7%, जबकि Vodafone Idea 17.13% पर सिमट गई थी। 5G सेवाओं के मामले में भी Vi काफी पीछे है। Jio और Airtel ने 2023 तक व्यापक 5G कवरेज हासिल कर लिया था, वहीं Vi ने 2025 की शुरुआत में अपनी 5G रोलआउट शुरू की और मई 2026 तक केवल 133 शहरों तक पहुंच पाई। Q4 2025 तक, Jio के 210.5 मिलियन, Airtel के 182.4 मिलियन 5G कनेक्शन थे, जबकि Vi के पास सिर्फ 6.1 मिलियन थे।
Vodafone Idea का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) भी सबसे कम है। Q3FY26 में यह ₹186 था, जबकि सितंबर 2025 में Airtel का ₹256 और Jio का ₹211 था। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि 5G और प्रीमियम सेवाओं का उपयोग करने वाले प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में Vi को अपने यूजर्स से कमाई करने में कितनी मुश्किल हो रही है।
गहरी वित्तीय समस्याएं
Vodafone Idea की वित्तीय सेहत चिंताजनक बनी हुई है। कंपनी पर ₹2.3 लाख करोड़ से अधिक का भारी कर्ज है, और शेयरहोल्डर इक्विटी (Shareholder Equity) लगभग -₹824.6 बिलियन यानी निगेटिव है। Q3FY26 में ₹5,286 करोड़ के निवल नुकसान (Net Loss) सहित लगातार हो रहा घाटा, कंपनी की वित्तीय संघर्षों को दर्शाता है।
हाल ही में, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने Vi की AGR देनदारियों को 27% घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया था और FY36 तक भुगतान रोकने की मोहलत दी थी। हालांकि, FY36 से FY41 तक बड़ी वार्षिक किस्तों का भुगतान करना होगा। इस राहत के बाद सरकार की कंपनी में हिस्सेदारी लगभग 49% हो गई है। Vi का गिरता मार्केट शेयर और 5G में देरी इसकी स्थिति को और कमजोर करती है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ICRA ने मार्च 2026 में परिचालन में सुधार को देखते हुए Vi के आउटलुक को 'पॉजिटिव' किया था, लेकिन बड़ी संरचनात्मक समस्याएं बनी हुई हैं।
एनालिस्ट्स की राय
एनालिस्ट्स Vodafone Idea को लेकर सतर्क रवैया अपना रहे हैं और जोखिमों तथा रिकवरी की संभावनाओं को देखते हुए आम तौर पर 'न्यूट्रल' (Neutral) रेटिंग दे रहे हैं। 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट लगभग ₹9.84 है, जिसकी सीमा ₹5.50 से ₹15.00 तक है। कुछ ब्रोकरेज फर्म Vi की ARPU ग्रोथ और प्रीमियम सर्विस पर फोकस को पॉजिटिव मानती हैं, लेकिन लगातार सब्सक्राइबर लॉस और Jio व Airtel की तुलना में नेटवर्क व मार्केट शेयर में भारी अंतर Vi के लिए बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। कंपनी की वर्तमान फंडिंग योजना और भविष्य का खर्च, इस गैप को पाटने और अगले तीन सालों में रेवेन्यू दोगुना करने व EBITDA तिगुना करने के लक्ष्यों को हासिल करने में कितनी सफल होगी, यह देखना अहम होगा।
