Vodafone Idea: ₹64,046 करोड़ पर AGR लायबिलिटी फाइनल, अब ग्रोथ पर फोकस

TELECOM
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Vodafone Idea: ₹64,046 करोड़ पर AGR लायबिलिटी फाइनल, अब ग्रोथ पर फोकस

Vodafone Idea (Vi) ने अपनी AGR लायबिलिटी को ₹87,695 करोड़ के अनुमान से घटाकर ₹64,046 करोड़ फाइनल कर लिया है। इस सेटलमेंट के बाद अब कंपनी अपने ऑपरेशंस और नेटवर्क विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। FY26 में कंपनी ने ₹34,552 करोड़ का एकमुश्त नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया है। 19.28 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ, Vi अब अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ₹45,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है, हालांकि उसे अभी भी फंडिंग जुटाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

डेब्‍ट रिजॉल्यूशन से एक्‍सपेंशन की ओर Vi

Vodafone Idea (Vi) अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी का एक नया चैप्टर शुरू कर रही है, जिसमें कंपनी कर्ज के समाधान से आगे बढ़कर एक्टिव नेटवर्क एक्सपेंशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) लायबिलिटी का मामला आधिकारिक तौर पर खत्म कर दिया है। पहले जो लायबिलिटी ₹87,695 करोड़ अनुमानित थी, उसे फाइनल में घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया गया है। इस क्लियरिटी ने कंपनी को भविष्य की प्लानिंग के लिए वित्तीय स्थिरता दी है, जिसके चलते फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹34,552 करोड़ का एकमुश्त अकाउंटिंग प्रॉफिट दर्ज किया गया।

एकमुश्त प्रॉफिट और असली बिजनेस परफॉर्मेंस

हालांकि, यह ₹34,552 करोड़ का प्रॉफिट एक बड़ा आंकड़ा है, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह एक वन-टाइम गेन है। कंपनी के दिन-प्रतिदिन के बिजनेस परफॉर्मेंस से इसे अलग देखना होगा। FY26 में Vi का रेवेन्यू ₹44,873 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 3% अधिक है। वहीं, EBITDA 4.8% बढ़कर ₹19,003 करोड़ हो गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यह ग्रोथ तब हासिल हुई जब कंपनी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों Reliance Jio और Bharti Airtel की तुलना में नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने में सावधानी बरती।

सब्सक्राइबर्स बढ़े, अब नेटवर्क पर फोकस

31 मार्च, 2026 तक, कंपनी के पास 19.28 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे, जो कि स्टेबल हैं। मैनेजमेंट ने फरवरी 2026 से हर महीने पॉजिटिव यूजर एडिशन दर्ज करने की बात कही है। इससे संकेत मिलता है कि 4G कवरेज और डिस्ट्रीब्यूशन को बेहतर बनाने के कंपनी के प्रयास रंग ला रहे हैं। अब Vi, FY29 के अंत तक ₹45,000 करोड़ के बड़े नेटवर्क इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम की तैयारी कर रही है। इस कैपिटल का इस्तेमाल नेटवर्क एन्हांसमेंट और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड सर्विसेज और स्मार्ट मीटरिंग जैसे हाई-ग्रोथ एरिया में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

चुनौतियां और आगे का रास्ता

हालांकि AGR सेटलमेंट एक बड़ी चिंता दूर करता है, लेकिन कंपनी पर अभी भी बड़ा स्टैच्यूटरी कर्ज बाकी है। कंपनी को अपनी महत्वाकांक्षी एक्सपेंशन योजनाओं को पूरा करने के लिए लॉन्ग-टर्म फंडिंग की आवश्यकता होगी, जिस पर फिलहाल लेंडर्स के साथ बातचीत चल रही है। ऐसे बाजार में जहां Reliance Jio और Bharti Airtel पहले ही 5G और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर चुके हैं, Vi को अपने सब्सक्राइबर्स को बनाए रखने और आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास करना होगा।

निवेशकों को कंपनी की फंडिंग जुटाने की क्षमता पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही उसके नेटवर्क रोलआउट की गति और गुणवत्ता तय करेगी। इसके अलावा, सब्सक्राइबर एडिशन के पॉजिटिव ट्रेंड को बनाए रखना और अकाउंटिंग एडजस्टमेंट से अलग ऑपरेशनल कैश फ्लो को बेहतर बनाना भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। सरकार की रोलआउट ऑब्लिगेशन्स पर भी अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि कंपनी पर नेटवर्क कवरेज टारगेट्स को लेकर पहले भी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की ओर से जांच का सामना करना पड़ा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.