Vodafone Idea इस समय एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये के पुनर्मूल्यांकन (reassessment) के नतीजों का इंतजार कर रही है, जिसके कारण कंपनी की वित्तीय अनिश्चितता बनी हुई है।
कंपनी पर FY07 से FY19 तक की अवधि के लिए ₹87,685 करोड़ का AGR बकाया है। पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने इन बकायों को फ्रीज कर दिया था। हालांकि, 2020 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम रूप दिए गए FY18 और FY19 के आंकड़े अभी भी देय हैं।
AGR बकाये पर क्या है अपडेट?
CEO Abhijit Kishore ने इस बात की पुष्टि की है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया चल रही है और Vodafone Idea ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। उन्हें उम्मीद है कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) से स्पष्टता मिलने के बाद और जानकारी सामने आएगी। DoT की एक समिति 30 जनवरी, 2026 तक इस समीक्षा पर फैसला सुनाने वाली है।
टैरिफ को बताया 'टिकाऊ नहीं'
AGR बकाये के अलावा, किशोर ने मौजूदा टेलीकॉम प्राइसिंग को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री-व्यापी टैरिफ स्तर लंबे समय तक संचालन के लिए टिकाऊ नहीं हैं। हालांकि कुछ कीमत समायोजन हुए हैं, Vodafone Idea का जोर इस बात पर है कि संरचनात्मक टैरिफ संशोधनों की आवश्यकता है, जिसे अभी तक किसी भी ऑपरेटर ने पूरी तरह से लागू नहीं किया है।
AI डेवलपमेंट पर भी फोकस
किशोर ने Vodafone Idea की प्रोप्राइटरी AI डेवलपमेंट में कदम रखने की योजना पर भी प्रकाश डाला, न कि केवल AI का उपभोग करने पर। कंपनी ऑपरेशनल उत्पादकता बढ़ाने और कस्टमर सॉल्यूशंस बनाने के लिए तीन-तरफा AI रणनीति—असिस्टिव, एजेंटिक और सॉवरेन—पर काम कर रही है।
शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में Vodafone Idea के शेयर 1% नीचे थे, जो बेंचमार्क Nifty 50 के 1.3% की गिरावट से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन था।
