Vodafone Idea के निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 2018 के विलय के बाद कंपनी ने पहली बार तिमाही आधार पर सब्सक्राइबर्स की संख्या में नेट बढ़ोतरी दर्ज की है और अब कंपनी का कुल यूजर बेस **19.31 करोड़** तक पहुंच गया है।
आंकड़ों में दमदार सुधार
जून 2026 में खत्म हुई तिमाही में Vodafone Idea का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। कंपनी का रेवेन्यू ₹11,689 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 6% अधिक है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 9.1% बढ़कर ₹5,034 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि इसके मार्जिन 43.1% दर्ज किए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस जो पिछले साल ₹6,608 करोड़ था, वह अब घटकर ₹3,754 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी का ARPU (औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता) भी 10.2% बढ़कर ₹195 हो गया है।
बाजार का जोश और इंडेक्स में एंट्री
इन सकारात्मक नतीजों के बाद अगस्त में कंपनी के शेयर में लगभग 15% का उछाल देखने को मिला और यह अपने 2 साल के उच्चतम स्तर के करीब है। निवेशक अब 30 सितंबर, 2026 की तारीख पर नजर टिकाए हैं, क्योंकि इस दिन से Vodafone Idea को Nifty Next 50 और Nifty 100 इंडेक्स में शामिल किया जाएगा। इस इंडेक्स रीबैलेंसिंग के चलते पैसिव फंड्स और ETF से बड़ी खरीदारी की उम्मीद है।
आगे की राह और चुनौतियां
मोमेंटम बनाए रखने के लिए कंपनी ने नेटवर्क विस्तार पर जोर देना शुरू कर दिया है। मैनेजमेंट ने ₹9,000 करोड़ के नए इक्विपमेंट ऑर्डर दिए हैं, जो ₹45,000 करोड़ के तीन साल के निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य 2G ग्राहकों को 4G और 5G पर अपग्रेड करना है। हालांकि, कर्ज का भारी बोझ और स्पेक्ट्रम के बकाये भुगतान जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। कंपनी का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इस विस्तार योजना को बिना किसी वित्तीय तनाव के कैसे लागू करती है और नए ग्राहकों को बनाए रखने में कितनी सफल रहती है।
