Vodafone Idea ने Q1 FY27 में **16 लाख** नए ब्रॉडबैंड यूजर्स जोड़कर बाजार में वापसी के संकेत दिए हैं। हालांकि, **₹177** के ARPU और राइवल्स के मुकाबले कम मार्जिन के चलते कंपनी के सामने **₹45,000 करोड़** के 5G निवेश की बड़ी चुनौती बरकरार है।
सब्सक्राइबर्स की वापसी
लंबे समय से ग्राहकों को खोने वाली टेलीकॉम दिग्गज Vodafone Idea के लिए यह तिमाही राहत भरी रही है। Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने पहली तिमाही में 16 लाख नए ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं, जिससे अब उनका कुल यूजर बेस 13 करोड़ तक पहुंच गया है।
ARPU और मार्जिन का दबाव
भले ही सब्सक्राइबर्स बढ़े हों, लेकिन फाइनेंशियल मोर्चे पर चुनौती कम नहीं है। जून में कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) ₹177 रहा, जिसमें 7% की सालाना बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा Reliance Jio के ₹216 और Bharti Airtel के ₹264 से काफी पीछे है। साथ ही, कंपनी का EBITDA मार्जिन 43.1% है, जबकि बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनियां 53% से 57% के मार्जिन पर काम कर रही हैं।
5G का सपना और फंड की कमी
मैनेजमेंट ने अगले तीन वर्षों में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹45,000 करोड़ खर्च करने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी पोस्टपेड ग्राहकों को लुभाने के लिए फ्री इंटरनेशनल रोमिंग जैसे ऑफर्स ला रही है, ताकि पोस्टपेड शेयर को 6% से ऊपर ले जाया जा सके।
हालांकि, अभी तक कंपनी केवल ₹6,400 करोड़ की ही व्यवस्था कर पाई है। 2030 के स्पेक्ट्रम रिन्यूअल और पुराने कर्ज के बोझ के बीच, निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी आगे की बड़ी फंडिंग कैसे जुटाती है और क्या वो अपने टैरिफ प्लान्स के जरिए मार्जिन गैप को कम कर पाएगी।
