Truecaller CEO का बड़ा खुलासा: बैंक वाले नंबरों से भी आ रहे स्पैम कॉल्स!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Truecaller CEO का बड़ा खुलासा: बैंक वाले नंबरों से भी आ रहे स्पैम कॉल्स!

Truecaller के CEO, ऋषित झुंझुनवाला (Rishit Jhunjhunwala) ने एक गंभीर खुलासा किया है। उनका कहना है कि स्पैमर्स अब बैंकों और सरकारी एजेंसियों के लिए आरक्षित 140 और 1600 नंबर सीरीज का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। हर दिन **5 लाख** से ज़्यादा यूज़र्स इन कॉल्स को स्पैम मार्क कर रहे हैं, जिससे टेलीकॉम रेगुलेशन की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्पैमर्स का नया दांव: भरोसेमंद नंबरों का दुरुपयोग

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक 140 और 1600 नंबर सीरीज, जो असल में बैंकों और सरकारी संस्थाओं से ज़रूरी अलर्ट भेजने के लिए बनाई गई थीं, अब स्पैमर्स के हत्थे चढ़ गई हैं। Truecaller के मुताबिक, इन नंबरों का इस्तेमाल अब बेरोकटोक स्पैम मैसेज और कॉल्स फैलाने के लिए किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को बचना मुश्किल हो रहा है।

यूज़र्स पर असर और ब्लॉकिंग का डेटा

Truecaller के डेटा से पता चलता है कि यूज़र्स रोज़ाना इन सीरीज से आने वाली लाखों कॉल्स को स्पैम बता रहे हैं। हर दिन लगभग 4 लाख रिपोर्ट्स 140 सीरीज के लिए और 1.25 लाख रिपोर्ट्स 1600 सीरीज के लिए दर्ज की जा रही हैं। खास तौर पर 1600 सीरीज, जो कि ज़रूरी ट्रांज़ैक्शनल मैसेज के लिए आरक्षित थी, उसका दुरुपयोग खतरनाक स्तर पर बढ़ गया है। पिछले आठ महीनों में इस सीरीज के खिलाफ 7.4 करोड़ से ज़्यादा मैन्युअल ब्लॉक एक्शन लिए गए हैं, जो कि अक्टूबर 2025 से तीन गुना ज़्यादा है।

रेगुलेटरी पेंच और ऐप की सीमाएं

यह मामला रेगुलेटरी नियमों और कॉलर आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी के बीच एक टकराव को दर्शाता है। TRAI जहां 140 सीरीज के प्रमोशनल कॉल्स से बचने के लिए 'डू नॉट डिस्टर्ब' (DND) रजिस्ट्री की सुविधा देती है, वहीं Truecaller जैसे ऐप्स को इन नंबरों को टैग या फिल्टर करने पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। Truecaller मैनेजमेंट ने इन प्रतिबंधों पर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि अगर लाखों यूज़र्स किसी नंबर को स्पैम बता रहे हैं, तो सिस्टम को इसे प्रभावी ढंग से ब्लॉक करने की अनुमति होनी चाहिए ताकि यूज़र्स सुरक्षित रहें।

निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?

निवेशकों के लिए यह स्थिति स्पैम डिटेक्शन प्लेटफॉर्म और स्पैम फैलाने वालों के बीच चल रही जंग को उजागर करती है। Truecaller जैसी कंपनियां, जो अनचाही कॉल्स को पहचानने और ब्लॉक करने की अपनी क्षमता पर निर्भर करती हैं, एक ऐसे तकनीकी और रेगुलेटरी माहौल में काम कर रही हैं जहाँ सरकारी दिशानिर्देश उनके मुख्य काम को सीमित करते हैं। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इस स्थिति को कैसे संभालती है और बदलते रेगुलेटरी ढांचे में कैसे काम करती है। निवेशक TRAI की कॉल फिल्टरिंग नीतियों में भविष्य में होने वाले बदलावों पर नज़र रख सकते हैं, खासकर यह देखने के लिए कि क्या इन संवेदनशील नंबर सीरीज से स्पैम ब्लॉकिंग को लेकर कोई नई छूट मिलती है।

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