टेलीकॉम मंत्रालय का बजट ₹73,990 करोड़ तक पहुंचा
आगामी फाइनेंशियल ईयर के लिए पेश किए गए यूनियन बजट में संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) के लिए ₹73,990 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह पिछले अनुमानित ₹53,000 करोड़ से 38% ज्यादा है। टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह बढ़ी हुई राशि सेक्टर के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
BSNL को मिलेगा बड़ा सहारा
बजट में हुई इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (Bharat Sanchar Nigam Limited) को दी जाने वाली कैपिटल इंफ्यूजन (Capital Infusion) है। BSNL को FY27 के लिए ₹28,473 करोड़ की इक्विटी (Equity) मिलेगी। इसके अलावा, कंपनी को वॉयबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding) और कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए भी फंड मिलेगा। इस पैसे का इस्तेमाल स्पेक्ट्रम (Spectrum) खरीदने, नेटवर्क को फैलाने और टावर व बैटरी जैसे आंतरिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) के लिए किया जाएगा। मंत्री सिंधिया ने बताया कि इस CAPEX और कंपनी के अपने कैश फ्लो से BSNL के रिवाइवल में मदद मिलेगी। हाल के क्वार्टर्स में BSNL ने घाटे के सालों के बाद प्रॉफिट दर्ज किया है, इसका EBITDA तीन गुना बढ़ा है और घाटा कम हुआ है। कंपनी अपने स्वदेशी 4G नेटवर्क के विस्तार के तहत अतिरिक्त 22,000 4G साइट्स के लिए स्पेसिफिकेशन्स पर काम कर रही है। BSNL का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) भी करीब 9% बढ़कर ₹99 हो गया है।
भारतनेट प्रोजेक्ट और ग्रामीण कनेक्टिविटी
टेलीकॉम बजट में बढ़त का एक बड़ा हिस्सा भारतनेट प्रोजेक्ट को भी जाएगा, जिसका लक्ष्य भारत के गावों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है। यह दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण टेलीकॉम परियोजनाओं में से एक है। मार्च 2025 तक, इस प्रोजेक्ट के तहत 2.18 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों को सर्विस-रेडी किया जा चुका है और 42 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई गई है। अमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम का कुल बजट ₹1,39,579 करोड़ है और यह लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है।
सेक्टर का ओवरऑल सीन
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2026 तक इसके USD 159.8 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Reliance Jio और Bharti Airtel जैसे बड़े प्लेयर 5G नेटवर्क फैला रहे हैं, वहीं BSNL का रिवाइवल और भारतनेट के जरिए ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाना सरकार की डिजिटल समावेश (Digital Inclusion) की रणनीति का अहम हिस्सा है। सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीम ने डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा दिया है।
नॉर्थ-ईस्ट रीजन का विकास
टेलीकॉम के अलावा, नॉर्थ-ईस्ट रीजन के विकास के लिए भी बजट में करीब 50% की बढ़ोतरी की गई है, जो ₹4,495 करोड़ से बढ़कर ₹6,800 करोड़ हो गया है। इससे रीजन के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा पहलों को बल मिलेगा।