AI इंफ्रास्ट्रक्चर में धूम
Tejas Networks ने 3 मार्च 2026 को अपना TJ1600-D3 hyper-scalable WDM ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कलोड से प्रेरित डेटा सेंटर इंटरकनेक्टिविटी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है। यह नेक्स्ट-जेनरेशन प्रोडक्ट 400G से 1.2T प्रति वेवलेंथ तक की लाइन रेट्स सपोर्ट करता है, और इसकी शेल्फ कैपेसिटी 51.2 Tbps तक है। इस प्लेटफॉर्म को वेबस्केलर्स, क्लाउड प्रोवाइडर्स और AI कंप्यूट क्लस्टर्स को टारगेट करके डिजाइन किया गया है। यह कंपनी को AI डेटा सेंटर मार्केट में सीधे तौर पर खड़ा करता है, जिसके 2034 तक 35.5% CAGR की दर से बढ़कर $1.98 ट्रिलियन होने का अनुमान है। यह लॉन्च ऐसे समय में आया है जब 2030 तक सभी कंप्यूट टास्क्स का लगभग आधा AI वर्कलोड होने की उम्मीद है।
ग्लोबल फुटप्रिंट का विस्तार
अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार को और मजबूत करते हुए, Tejas Networks ने 26 फरवरी 2026 को NEC कॉर्पोरेशन के साथ 5G मैसिव MIMO रेडियो के निर्माण और सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह पार्टनरशिप ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशंस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई करने में मदद करेगी और Tejas Networks की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति में एक बड़ा कदम है। कंपनी का लक्ष्य इस सहयोग का उपयोग करके 75 से ज़्यादा देशों में अपनी वर्तमान सेवा के अलावा अन्य 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क्स में भी अपनी सफलता को दोहराना है।
वैल्यूएशन पर सवाल
इन सकारात्मक डेवलपमेंट के बावजूद, Tejas Networks के शेयर के प्रदर्शन और कंपनी के फाइनैंशियल फंडामेंटल्स के बीच एक बड़ा अंतर दिखाई देता है। 4 मार्च 2026 तक के चार ट्रेडिंग दिनों में शेयर लगभग 66-67% उछल चुका है, और 4 मार्च को इंट्राडे में ₹529.65 के हाई पर पहुंचा, जबकि BSE Sensex में गिरावट देखी गई। हालांकि, यह तेज़ उछाल ऐसे समय में आया है जब कंपनी को वैल्यूएशन की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2026 की शुरुआत तक, Tejas Networks का P/E रेश्यो नेगेटिव था, जो पिछले बारह महीनों के आधार पर वर्तमान लाभहीनता को दर्शाता है। इसकी तुलना ग्लोबल ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट दिग्गज Ciena (CIEN) से करें, जिसका P/E रेश्यो फरवरी 2026 में लगभग 366 और 397 के बीच था। इसके अलावा, Tejas Networks का स्टॉक हाल ही में Sterlite Technologies जैसे पीयर्स से पिछड़ गया है, जिसने पिछले साल 106.7% का रिटर्न दिया था।
मंदी का दौर: एग्जीक्यूशन रिस्क और मार्जिन पर दबाव
शेयर की इस तेज़ बढ़ोतरी को कंपनी के हालिया फाइनैंशियल दबाव और एग्जीक्यूशन रिस्क के बैकग्राउंड में देखना ज़रूरी है। Tejas Networks ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में ₹196.55 करोड़ का कंसॉलिडेटेड घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल के प्रॉफिट से एक बड़ा उलटफेर है। इसी तिमाही में रेवेन्यू में 88% की साल-दर-साल गिरावट आकर ₹307 करोड़ रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से सरकारी कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) से मिले ऑर्डर में देरी के कारण हुई। फाइनेंशियल ईयर 2025 के अंत में कंपनी ने ₹447 करोड़ के नेट प्रॉफिट और ₹8,923 करोड़ के रेवेन्यू के साथ अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन तिमाही प्रदर्शन रेवेन्यू स्ट्रीम की अनियमितता और भविष्यवाणी करने में मुश्किल जैसी चिंताएं बढ़ाता है। दिसंबर 2025 तक कंपनी की बैलेंस शीट में ₹2,363 करोड़ का बड़ा इन्वेंटरी होल्डिंग था, जिसे फिनिश्ड गुड्स में बदलना एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल हर्डल है। FY25 में प्रॉफिट मार्जिन में कुल मिलाकर 5.0% का सुधार (FY24 में 2.5% से) देखा गया, लेकिन हालिया तिमाही घाटे और नेगेटिव P/E इस दबाव को रेखांकित करते हैं कि कंपनी को लगातार मुनाफा कमाना होगा और अपने वर्तमान मार्केट वैल्यूएशन को सही ठहराना होगा। एक एनालिसिस के अनुसार, हालिया रैली के बावजूद कंपनी का 'Mojo Grade' 'Strong Sell' बताया गया है।
सरकारी नीति और 'ट्रस्टेड नेटवर्क' की कहानी
Tejas Networks को भारत में सपोर्टिव पॉलिसी एनवायरनमेंट का भी फायदा मिल रहा है, जिसमें सरकार टेक्नोलॉजिकल सॉवरेन्टी और "ट्रस्टेड नेटवर्क्स" के विकास पर ज़ोर दे रही है। इस राष्ट्रीय एजेंडे का उद्देश्य डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं बढ़ाना और विदेशी वेंडर्स पर निर्भरता कम करना है, जो Tejas Networks को टेलीकम्युनिकेशंस हार्डवेयर में एक प्रमुख भारतीय प्लेयर के तौर पर स्थापित करता है। BSNL के 4G नेटवर्क जैसे प्रोजेक्ट्स में कंपनी की भूमिका और दिल्ली-मुंबई रेलवे कॉरिडोर पर कवच प्रोजेक्ट के लिए इसका चुनाव, राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकताओं के साथ इसके अलाइनमेंट को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया
Tejas Networks पर एनालिस्ट्स का सेंटीमेंट बदल रहा है। जनवरी 2026 में, आम राय "होल्ड" रेटिंग की ओर झुकी हुई थी, जिसमें औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹500 था, और कुछ एनालिस्ट्स ने सावधानी या "रिड्यूस" कॉल का सुझाव दिया था। हालांकि, मार्च 2026 के एक हालिया विश्लेषण से बदलाव का संकेत मिलता है, जिसमें एक रिपोर्ट "न्यूट्रल" कंसेंसस दिखाती है लेकिन ₹780 का काफी अधिक आशावादी 12-महीने का प्राइस टारगेट देती है, जो 60% से अधिक की संभावित अपसाइड का संकेत देता है। यह नए प्रोडक्ट लॉन्च और रणनीतिक साझेदारियों से प्रेरित कंपनी की ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स के पुनर्मूल्यांकन को दर्शाता है।
