टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने मोबाइल कंपनियों के लिए 'वॉइस-ओनली' प्लान पेश करने का अनिवार्य निर्देश दिया है। इसका सबसे बड़ा असर Vodafone Idea और BSNL पर पड़ने की आशंका है, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा ग्राहक आधार अभी भी 2G और फीचर फोन पर निर्भर है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का नया फरमान उन यूजर्स के लिए राहत लेकर आया है जो बेसिक फीचर फोन इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है।\n\n### रेवेन्यू पर चोट का डर\n\nVodafone Idea और BSNL के लिए यह नियम कमाई के लिहाज से जोखिम भरा है। आंकड़े बताते हैं कि Vodafone Idea के कुल कनेक्शंस में 34% ग्राहक 2G यूजर्स हैं, जबकि BSNL के मामले में यह आंकड़ा 85% तक है। चूंकि ये कंपनियां अपने पुराने ग्राहकों पर ज्यादा निर्भर हैं, इसलिए सस्ते वॉइस-ओनली प्लान आने से इनके ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) में गिरावट की आशंका बढ़ गई है।\n\n### Bharti Airtel कैसे है सुरक्षित?\n\nबाजार के लीडर Bharti Airtel ने इस बदलाव को पहले ही भांप लिया था। Airtel ने ₹185 से ₹206 के बीच अपने वॉइस प्लान पेश कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इससे Airtel की वायरलेस कमाई पर 1% से भी कम असर पड़ेगा, क्योंकि उनके पास ग्राहकों का एक बड़ा और डायवर्सिफाइड आधार है।\n\n### आगे की राह\n\nहालांकि चिंताएं ज्यादा हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि असर अनुमान से कम हो सकता है। कई 2G यूजर्स पहले से ही डेटा बंडल प्लान्स का उपयोग कर रहे हैं, ऐसे में वे शायद ही सस्ते वॉइस-ओनली प्लान्स की तरफ स्विच करना चाहें। निवेशकों को अब इन कंपनियों के अगले तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जिससे साफ होगा कि इस नए नियम का मार्जिन और लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर कितना असर पड़ा है।
