टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI अब Truecaller जैसे कॉलिंग ऐप्स पर लगाम कसने की तैयारी में है। TRAI सूचना प्रौद्योगिकी (IT) Act के तहत ऐसे ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति चाहता है, जो असली बिजनेस और सरकारी कॉल्स को गलती से स्पैम बता देते हैं। इसका मकसद 1400 और 1600 सीरीज के आधिकारिक नंबरों को ब्लॉक होने से बचाना है।
TRAI क्यों चाहता है नए अधिकार?
Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) अब Truecaller, Hiya, और Whoscall जैसे पॉपुलर कॉलिंग मैनेजमेंट ऐप्स पर ज़्यादा कंट्रोल चाहता है। रेगुलेटर सूचना प्रौद्योगिकी (IT) Act के तहत ऐसे ऐप्स के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने की पावर हासिल करने के लिए चर्चा कर रहा है, ताकि वे जरूरी कम्युनिकेशन्स को गलत तरीके से स्पैम के तौर पर मार्क न कर सकें।
यह कदम खासतौर पर 1400 और 1600 सीरीज से शुरू होने वाले नंबर्स के स्पैम टैगिंग के मुद्दे पर उठाया जा रहा है। सरकार ने इन नंबर सीरीज को बैंकिंग अलर्ट, डिलीवरी नोटिफिकेशन और सरकारी सूचनाओं जैसे जरूरी कम्युनिकेशन्स के लिए रिजर्व किया है। TRAI ने देखा है कि ये ऑफिशियल नंबर्स अक्सर कॉल मैनेजमेंट ऐप्स द्वारा स्पैम या अनचाहे कॉल के तौर पर लेबल कर दिए जाते हैं, जिससे व्यवसायों और ग्राहकों के बीच जरूरी बातचीत में बाधा आती है।
फिलहाल, TRAI के सामने एक रेगुलेटरी अड़चन है। चूंकि ये ऐप्स सॉफ्टवेयर इंटरमीडियरी के तौर पर काम करते हैं और लाइसेंस्ड टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं हैं, इसलिए रेगुलेटर के पास इन्हें नॉन-कंप्लायंस के लिए सीधे पेनल्टी लगाने का अधिकार नहीं है। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स TRAI के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हैं, लेकिन ये ऐप्स नियमों के एक अलग सेट के तहत काम करते हैं। IT Act के तहत एक अधिकृत एजेंसी बनकर, TRAI इस गैप को भरना चाहता है और कंप्लायंस को मैंडेट करने की क्षमता हासिल करना चाहता है।
इंडस्ट्री पर संभावित असर
अगर Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) इस रिक्वेस्ट को मान लेती है, तो कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के ऑपरेटिंग मॉडल में बड़ा बदलाव आ सकता है। ये प्लेटफॉर्म ऐतिहासिक रूप से स्पैम की पहचान के लिए यूजर रिपोर्ट्स और ऑटोमेटेड एल्गोरिदम पर निर्भर रहे हैं। अगर उन्हें सरकार द्वारा अधिकृत नंबर सीरीज को स्पैम मार्क करने से रोका जाता है, तो उन्हें इन लीगल रिक्वायरमेंट्स को पूरा करने के लिए अपने डेटा प्रोसेसिंग और डिस्प्ले फीचर्स को एडजस्ट करना पड़ सकता है।
अधिकारियों ने यह भी बताया है कि गलत स्पैम टैगिंग की वजह से कंपनियां बिजनेस अलर्ट के लिए स्टैंडर्ड 10-डिजिट मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकती हैं, जिससे ग्राहकों के लिए असल स्पैम की मात्रा और बढ़ सकती है। रेगुलेटर का घोषित लक्ष्य इन ऑफिशियल नंबरिंग सीरीज में विश्वास फिर से बहाल करना है।
कंपनियों का जवाब और आगे क्या?
Truecaller ने चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह TRAI के सभी मैंडेट्स का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने बताया कि वे पहले से ही 1400 और 1600 सीरीज के डेजिग्नेटेड नंबर्स को स्पैम के तौर पर टैग या ऑटो-ब्लॉक करने से बचते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब यूजर्स इन नंबर्स की रिपोर्ट करते हैं, तब भी प्लेटफॉर्म उन्हें स्पैम के तौर पर मार्क करने से बचता है ताकि मौजूदा रेगुलेटरी गाइडलाइंस के अनुरूप बना रहे।
निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को Ministry of Electronics and Information Technology के भीतर इस प्रस्ताव की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। अगली महत्वपूर्ण अपडेट यह होगी कि क्या सरकार औपचारिक रूप से TRAI को मांगी गई पावर देती है और ऐसे प्लेटफॉर्म्स के लिए कौन से स्पेसिफिक कंप्लायंस मैकेनिज्म या पेनल्टी लागू की जाती हैं जो इन नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं।
