TRAI का बड़ा फैसला: टेलीकॉम कंपनियों को अब देने होंगे सस्ते Voice और SMS-ओनली प्लान

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AuthorNeha Patil|Published at:
TRAI का बड़ा फैसला: टेलीकॉम कंपनियों को अब देने होंगे सस्ते Voice और SMS-ओनली प्लान

Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने सभी मोबाइल ऑपरेटर्स के लिए 30 दिन से कम वैलिडिटी वाले वॉयस और एसएमएस-ओनली रिचार्ज वाउचर पेश करना अनिवार्य कर दिया है। इससे यूजर्स को डेटा-रहित सस्ते विकल्प मिलेंगे, जो टेलिकॉम कंपनियों की मौजूदा डेटा-बंडलिंग स्ट्रेटेजी के लिए चुनौती बन सकता है।

TRAI ने 'Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulation, 2026' जारी किया है, जो टेलीकॉम कंपनियों के प्रीपेड प्लान स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदलने वाला है। नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को अब ऐसे रिचार्ज वाउचर लाने होंगे जिनमें सिर्फ वॉयस और एसएमएस की सुविधा हो। यह उन सभी पैक्स के लिए लागू होगा जिनकी वैलिडिटी 30 दिन या उससे कम है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन ग्राहकों को राहत देना है जो सिर्फ कॉलिंग और मैसेजिंग का उपयोग करते हैं और जबरन डेटा बंडल वाले महंगे प्लान लेने के लिए मजबूर नहीं होना चाहते।

रेवेन्यू स्ट्रेटेजी पर असर

अब तक टेलीकॉम कंपनियां अपनी ARPU (Average Revenue Per User) को बढ़ाने के लिए डेटा-हैवी बंडल पर जोर दे रही थीं। हाल ही में Bharti Airtel जैसे दिग्गजों ने अपने एंट्री-लेवल प्रीपेड प्लान को बढ़ाकर ₹349 तक कर दिया था। अब रेगुलेटर के इस दखल के बाद कंपनियों की डेटा बंडलिंग की क्षमता सीमित हो गई है, जिससे ARPU ग्रोथ टारगेट पर दबाव आ सकता है क्योंकि ग्राहक अब सस्ते नॉन-डेटा प्लान्स पर शिफ्ट हो सकते हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया

इस खबर के बाद शेयर बाजार का मूड मिला-जुला रहा। Vodafone Idea के शेयर 2.10% उछलकर ₹14.13 पर बंद हुए, जबकि Bharti Airtel के शेयरों में 0.73% की गिरावट देखी गई और यह ₹1,816.65 पर ट्रेड कर रहे थे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अलग-अलग कंपनियों पर इस नियम का असर अलग तरीके से पड़ेगा।

निवेशकों के लिए आगे की राह

निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनियां अपनी पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी कैसे बदलती हैं। क्या कंपनियां शॉर्ट-टर्म डेटा वाउचर्स की संख्या कम करेंगी या फिर वे अन्य प्राइसिंग रणनीतियों के जरिए अपनी मार्जिन को बचाए रखेंगी? आने वाले क्वार्टर के नतीजे यह समझने के लिए अहम होंगे कि इस रेगुलेटरी बदलाव का कंपनियों के सर्विस मार्जिन पर कितना असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.