TRAI का बड़ा फैसला: प्रीपेड प्लान्स की वैलिडिटी हुई 30 दिन, टेलीकॉम शेयरों पर क्या होगा असर?

TELECOM
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
TRAI का बड़ा फैसला: प्रीपेड प्लान्स की वैलिडिटी हुई 30 दिन, टेलीकॉम शेयरों पर क्या होगा असर?

Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने प्रीपेड प्लान्स के लिए **30** दिन की अनिवार्य वैलिडिटी का नियम लागू कर दिया है। अब तक कंपनियां **28** दिन का साइकल फॉलो करती थीं, जिससे साल में **13** बार रिचार्ज कराना पड़ता था। इस बदलाव के बाद अब ग्राहकों को साल में केवल **12** बार रिचार्ज कराना होगा, जिससे टेलिकॉम कंपनियों की कमाई (ARPU) पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

रिवेन्यू मॉडल में बड़ा बदलाव

अब तक टेलिकॉम ऑपरेटर 28 दिन के चक्र का इस्तेमाल कर एक साल में 13 बार रिचार्ज कराकर एक्स्ट्रा रिवेन्यू कमाते थे। नियम बदलने से यह 13वां रिचार्ज साइकिल खत्म हो गया है, जिससे कंपनियों के 'एवरेज रिवेन्यू पर यूजर' यानी ARPU पर असर पड़ना तय है। अब कंपनियों को अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए टैरिफ प्लान्स को फिर से व्यवस्थित (Restructure) करना होगा।

कम मार्जिन का खतरा

TRAI ने केवल वैलिडिटी ही नहीं, बल्कि लो-इनकम ग्रुप्स के लिए वॉइस और एसएमएस-ओनली प्लान्स पेश करने का भी निर्देश दिया है। यह कदम ग्राहकों के लिए तो अच्छा है, लेकिन कंपनियों के लिए यह एक कम-मार्जिन वाला सेगमेंट हो सकता है। Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसे दिग्गजों के सामने अब चुनौती है कि कैसे वे अपनी मार्जिन को बरकरार रखते हुए ग्राहकों को बनाए रखें।

इन्वेस्टर्स के लिए आगे क्या?

यह सेक्टर पहले से ही 5G और स्पेक्ट्रम के भारी खर्च के बोझ तले दबा हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब कंपनियों की अगली तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर बनाए हुए हैं। निवेशक यह ट्रैक करेंगे कि क्या कंपनियां रिचार्ज की संख्या कम होने की भरपाई के लिए टैरिफ में कोई बड़ा बदलाव करती हैं या फिर वे अपना मार्केट शेयर बचाने के लिए पुरानी कीमतों पर ही अडिग रहती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.