Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने 'Digital Connectivity Rating' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके जरिए अब आप किसी भी बिल्डिंग में फाइबर, वाई-फाई और नेटवर्क स्ट्रेंथ का पता पहले ही लगा सकेंगे।
अब नहीं होगी नेटवर्क की दिक्कत
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई पहल की है। अब प्रॉपर्टी खरीदार या किराएदार किसी भी बिल्डिंग में रहने से पहले उसका 'कनेक्टिविटी स्कोर' चेक कर सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म फाइबर रेडीनेस, मोबाइल सिग्नल और वाई-फाई की गुणवत्ता के आधार पर इमारतों को रेटिंग देगा।
बिल्डरों के लिए नया मानक
यह रेटिंग सिस्टम घर खरीदने वालों को पुरानी और खराब कनेक्टिविटी वाली इमारतों से बचाने में मदद करेगा। नियामक का मानना है कि इस कदम से बिल्डर्स अब निर्माण के शुरुआती दौर में ही बेहतर नेटवर्क केबलिंग और सिग्नल समाधानों को प्राथमिकता देंगे। पहले इमारतों के बनने के बाद ऑप्टिकल फाइबर या सिग्नल बूस्टर लगवाना काफी खर्चीला और मुश्किल काम होता था।
निवेशकों के लिए संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पहल 'स्मार्ट बिल्डिंग' की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। जो बिल्डर्स इस रेटिंग में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें भविष्य में ग्राहकों को आकर्षित करने में बड़ा एडवांटेज मिलेगा। इतना ही नहीं, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कंपोनेंट्स और हाई-ग्रेड केबलिंग की मांग में भी तेजी आ सकती है। अब देखना यह होगा कि बाजार इस रेटिंग सिस्टम को कितनी जल्दी अपनाता है और क्या यह आने वाले समय में प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन का एक नया पैमाना बनेगा।
