Reliance Jio और T-Mobile की बड़ी पार्टनरशिप, दुनिया की पहली 5G Standalone रोमिंग सर्विस हुई शुरू

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AuthorMehul Desai|Published at:
Reliance Jio और T-Mobile की बड़ी पार्टनरशिप, दुनिया की पहली 5G Standalone रोमिंग सर्विस हुई शुरू

Reliance Jio और T-Mobile ने दुनिया की पहली 5G Standalone रोमिंग सर्विस शुरू कर दी है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब हाई-स्पीड 5G कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पुराने 4G नेटवर्क की निर्भरता खत्म हो जाएगी।

हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नया युग

इस नई तकनीक के जरिए अब Jio और T-Mobile के ग्राहक जब एक-दूसरे के नेटवर्क में ट्रैवल करेंगे, तो उन्हें 4G LTE नेटवर्क पर स्विच करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मौजूदा समय में ज्यादातर 5G रोमिंग 4G कोर नेटवर्क पर निर्भर होती है, जिससे लेटेंसी (latency) और डेटा स्पीड में दिक्कतें आती हैं। इस नई 5G Standalone (SA) तकनीक ने इस बाधा को पूरी तरह हटा दिया है।

तकनीकी बारीकियां और सुरक्षा

इस पूरे प्रोसेस को Syniverse कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिया गया है। इसमें Security Edge Protection Proxy (SEPP) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो नेटवर्क सिग्नलिंग के लिए एक सुरक्षित गेटवे की तरह काम करती है। यह डेटा को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार सुरक्षित रखने का काम करती है।

टेलिकॉम सेक्टर के लिए क्या है मायने?

Reliance Industries की सहायक कंपनी Reliance Jio का यह कदम वैश्विक स्तर पर 5G इंफ्रास्ट्रक्चर में उसकी लीडरशिप को साबित करता है। हालांकि अभी यह सर्विस सीमित दायरे में है, लेकिन यह आने वाले समय के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार करती है। अब अन्य ग्लोबल टेलिकॉम कंपनियों पर भी दबाव होगा कि वे अपने सिस्टम को अपडेट करें ताकि वे कॉम्पिटिटिव बने रह सकें।

निवेशकों के नजरिए से देखें तो, हालांकि इसका तत्काल रेवेन्यू पर असर कम हो सकता है, लेकिन यह भविष्य के एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे AI-driven बिजनेस टूल्स और हाई-डेफिनिशन मीडिया सेवाओं के लिए एक मजबूत नींव तैयार करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.