Reliance Jio ने 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस में अपनी नई सैटेलाइट तकनीक और प्री-6G पेटेंट्स का ऐलान किया है। कंपनी इस कदम के जरिए न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ा रही है, बल्कि आने वाले Jio Platforms के IPO के लिए भी माहौल तैयार कर रही है।
टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव
10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस में Reliance Jio Infocomm के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की रणनीति का खुलासा किया। कंपनी अब पूरी तरह से स्वदेशी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार करने पर काम कर रही है और प्री-6G पेटेंट्स फाइल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल 6G स्टैंडर्ड्स में भारत की हिस्सेदारी को कम से कम 10% तक ले जाना है।
IPO और फाइनेंशियल हेल्थ
यह तकनीक का निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO की ओर बढ़ रहा है, जिसके अक्टूबर 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹30,049 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और इसका EBITDA मार्जिन 51.91% रहा है। IPO के जरिए जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनौतियां और मार्केट का रुख
हालांकि 6G और सैटेलाइट का सफर भविष्य के लिए बड़ा फायदेमंद लग रहा है, लेकिन टेलिकॉम सेक्टर में भारी-भरकम निवेश की जरूरत हमेशा बनी रहती है। स्पेक्ट्रम रिन्यूअल और नेटवर्क मेंटेनेंस के अलावा, ग्लोबल सैटेलाइट कंपनियों की एंट्री से कॉम्पिटिशन भी बढ़ने वाला है। Reliance Industries के शेयर इन दिनों ₹1,181 से ₹1,193 के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं। निवेशकों की नजरें अब IPO के वैल्यूएशन और इसके कमर्शियल स्केल पर होने वाली प्रोग्रेस पर टिकी हैं।
