Reliance Jio ने जून तिमाही के लिए ₹215.6 का औसत रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) दर्ज किया है, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में **0.7%** ज्यादा है। कंपनी का मैनेजमेंट जहां **4-5%** के ऑर्गेनिक ग्रोथ की बात कर रहा है, वहीं निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या डिजिटल सर्विसेज कनेक्टिविटी से होने वाली कमाई में आई सुस्ती को पूरा कर पाएंगी। कंपनी के डिजिटल सेगमेंट ने सालाना आधार पर **20%** की ग्रोथ दर्ज की है, जो इसके कोर टेलीकॉम बिजनेस से कहीं ज्यादा है।
डिजिटल सर्विसेज पर फोकस
Reliance Jio Platforms ने जून तिमाही में ₹215.6 का ARPU दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के ₹214 से मामूली 0.7% ज्यादा है। हालांकि, यह आंकड़ा टेलीकॉम कंपनियों की कमाई के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन कंपनी का मैनेजमेंट अब निवेशकों का ध्यान डिजिटल सर्विसेज की ओर खींच रहा है ताकि लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ाया जा सके।
नॉन-कनेक्टिविटी बिजनेस में तेजी
Jio Platforms अपने नॉन-कनेक्टिविटी बिजनेस, जैसे क्लाउड कंप्यूटिंग, कंटेंट और IoT सॉल्यूशंस, को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। जून तिमाही में, इस सेगमेंट ने सालाना आधार पर 20% की ग्रोथ हासिल की है। यह ग्रोथ कंपनी के कोर कनेक्टिविटी बिजनेस की 11% ग्रोथ से काफी बेहतर है। कंपनी का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों में अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का फायदा उठाकर प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाया जाए, क्योंकि पारंपरिक नेटवर्क विस्तार की तुलना में इन डिजिटल सर्विसेज में लागत कम आती है।
ऑर्गेनिक ग्रोथ और बाजार की हकीकत
हाल ही में हुई एक अर्निंग्स कॉल में, मैनेजमेंट ने कहा कि कंपनी टैरिफ बढ़ोतरी को छोड़कर, ऑर्गेनिक बेसिस पर 4-5% की सालाना ग्रोथ हासिल कर रही है। मैनेजमेंट ने यह भी समझाया कि ARPU में कुछ कमी का कारण होम सर्विसेज के लिए प्रमोशनल ऑफर्स हैं, जिन्हें ब्रॉडबैंड और कनेक्टेड-होम स्पेस में मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, यह भी बताया गया कि इन होम सर्विसेज से होने वाली कमाई पारंपरिक मोबाइल सर्विसेज जितनी ज्यादा नहीं है।
इंडस्ट्री का माहौल और निवेशकों के लिए अहम बातें
देश की टेलीकॉम कंपनियां 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए भारी कैपिटल खर्च को भुनाने के दबाव में हैं। जुलाई 2024 में इंडस्ट्री-व्यापी टैरिफ समायोजन के बाद से ARPU स्तर काफी हद तक स्थिर हैं। ऐसे में, विश्लेषक इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि क्या अकेले ऑर्गेनिक ग्रोथ नेटवर्क विस्तार में किए गए भारी निवेश को सही ठहरा पाएगी। कुछ जानकारों का मानना है कि बिना किसी और टैरिफ बढ़ोतरी के, हाई रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर अगर प्रीमियम स्मार्टफोन अपग्रेड की रफ्तार धीमी हो जाती है।
निवेशकों के लिए, आगे चलकर डिजिटल सर्विसेज को अपनाने की दर और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये हाई-मार्जिन सेगमेंट समग्र लाभप्रदता में सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा, बाजार यह भी देखेगा कि Jio अपने आक्रामक सब्सक्राइबर अधिग्रहण की रणनीति को प्रति यूजर रेवेन्यू बढ़ाने की जरूरत के साथ कैसे संतुलित करती है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹7,764 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 9.2% ज्यादा है। वहीं, ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा।
