Reliance Jio Platforms ने जून तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **9%** की बढ़त दर्ज की गई है, जो **₹7,764 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **12%** बढ़ा है, जबकि सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा **533 मिलियन** को पार कर गया है। कंपनी ने अपनी पब्लिक लिस्टिंग के लिए DRHP फाइल कर दिया है।
Reliance Jio का दमदार प्रदर्शन
Reliance Jio Platforms ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में अपने नेट प्रॉफिट में 9% की वृद्धि दर्ज की है, जो ₹7,764 करोड़ रहा। रेवेन्यू में 12% की वृद्धि देखी गई, जिसका मुख्य कारण सब्सक्राइबर्स की संख्या में बढ़ोतरी और प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में सुधार है। ARPU अब ₹215.6 प्रति माह हो गया है।
कंपनी की परिचालन दक्षता (operational efficiency) में भी सुधार हुआ है। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ हो गया है। हालांकि, 5G सेवाओं के विस्तार पर हुए खर्च और एसेट्स के डेप्रिसिएशन (depreciation) के कारण कुछ लागतें बढ़ी हैं।
5G और डिजिटल सेवाओं का बढ़ता प्रभाव
तिमाही के अंत तक, Jio का सब्सक्राइबर बेस लगभग 533.3 मिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 7.1% अधिक है। कंपनी की डेटा सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, कुल ट्रैफिक 66 बिलियन GB तक पहुंच गया है। इसका एक बड़ा श्रेय 5G नेटवर्क के विस्तार को जाता है, जिसके अब 285 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। साथ ही, JioAirFiber के 14 मिलियन यूजर्स तक पहुंचने से भी ग्रोथ को बल मिला है। मंथली चर्न (churn) 1.6% पर स्थिर बना हुआ है, जो दर्शाता है कि कंपनी प्रतिस्पर्धी बाजार में अपने ग्राहकों को बनाए रखने में सफल रही है।
पब्लिक लिस्टिंग की ओर बढ़े कदम
इसके अलावा, Reliance Jio ने भारत में अपनी संभावित पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। यह कदम शुरुआती निवेशकों के लिए एक निकास मार्ग (exit path) प्रदान करने और पब्लिक को कंपनी के डिजिटल कारोबार में भाग लेने का अवसर देने की दिशा में एक अहम पड़ाव है। लिस्टिंग की समय-सीमा रेगुलेटरी अप्रूवल और बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगी, लेकिन DRHP फाइलिंग से कंपनी के डिजिटल और टेलीकॉम वेंचर्स के वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति साफ झलकती है।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी 5G और अन्य डिजिटल पहलों पर जारी कैपिटल स्पेंडिंग (capital spending) के बीच अपनी प्रॉफिटेबिलिटी कैसे बनाए रखती है। IPO से पहले कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए ARPU ग्रोथ और 5G व JioAirFiber बेस से रेवेन्यू जनरेशन की गति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
