Reliance Jio IPO: कंपनी में बड़े बदलाव! 2026 तक लिस्टिंग की तैयारी, जानें वैल्यूएशन और रिस्क

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Reliance Jio IPO: कंपनी में बड़े बदलाव! 2026 तक लिस्टिंग की तैयारी, जानें वैल्यूएशन और रिस्क
Overview

Reliance Industries अपनी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी, Jio Platforms, को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह IPO **2026** की पहली छमाही में आ सकता है। एनालिस्ट्स Jio का वैल्यूएशन **$130 से $180 बिलियन** के बीच आंक रहे हैं।

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वैल्यूएशन पर दांव

Reliance Industries अपनी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी, Jio Platforms, को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2026 की पहली छमाही तक इसे लिस्ट कराना है। इस बीच, कंपनी अपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और पारदर्शिता को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। मार्केट के जानकारों का अनुमान है कि Jio का वैल्यूएशन $130 बिलियन से लेकर $180 बिलियन तक जा सकता है। कंपनी 2.5% हिस्सेदारी बेचकर करीब $4 से $4.5 बिलियन जुटाने की योजना बना रही है, जिससे यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। इसका मकसद निवेशकों को सीधे तौर पर एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम में निवेश का मौका देना है, जो Reliance के एनर्जी वाले कारोबार से अलग होगा।

मार्केट में कॉम्पिटिशन

Jio फिलहाल 520 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के साथ मार्केट में लीड कर रही है। लेकिन, उसे Bharti Airtel से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो एंटरप्राइज सेगमेंट और M2M कनेक्टिविटी में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सब्सक्राइबर बेस में Jio आगे है, लेकिन दूसरे प्लेयर प्रीमियम सर्विस और 5G नेटवर्क के जरिए रेवेन्यू बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में, आने वाले IPO को इन बदलती मार्केट डायनामिक्स का सामना करना पड़ेगा, जहां सिर्फ सब्सक्राइबर की संख्या से ज्यादा 5G और AI-आधारित सॉल्यूशंस से मार्जिन बढ़ाना जरूरी होगा।

निवेशकों की चिंताएं

कई बड़े निवेशक इस IPO को लेकर थोड़े सतर्क हैं। उनकी मुख्य चिंता 'होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट' (Holding Company Discount) को लेकर है। जब Jio एक अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी, तो Reliance Industries का वैल्यूएशन कम हो सकता है, क्योंकि डिजिटल बिजनेस से जुड़ा प्रीमियम फैक्टर हट जाएगा। इसके अलावा, कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछली कुछ डील्स में माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स (Minority Shareholders) के हितों और जानकारी की टाइमिंग को लेकर सवाल उठे थे। ऐसे में, बड़े निवेशक भारी निवेश से पहले पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग करेंगे।

आगे का रास्ता

जैसे-जैसे Reliance अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करने के करीब पहुंच रही है, इस IPO की सफलता दो बातों पर निर्भर करेगी: पहला, मार्केट में उतनी लिक्विडिटी (Liquidity) हो कि कंपनी की वैल्यूएशन उम्मीदों को पूरा किया जा सके, और दूसरा, एक मैच्योर टेलीकॉम मार्केट में ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखना। Meta और Google जैसी बड़ी ग्लोबल टेक कंपनियां पहले से ही Jio में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं। यह लिस्टिंग सिर्फ फंड जुटाने का जरिया नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य पर एक बड़ा दांव है। आने वाले महीनों में, कंपनी को आक्रामक विस्तार और बेहतरीन गवर्नेंस रिकॉर्ड के बीच एक नाजुक संतुलन बनाना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.