Reliance Jio और Apple ने भारत में iPhones के लिए RCS मैसेजिंग को लाइव कर दिया है। इसके साथ ही बिजनेस मैसेजिंग के लिए नई टियर-आधारित प्राइसिंग भी पेश की गई है, जिसका सीधा मुकाबला WhatsApp से माना जा रहा है।
RCS का नया दांव और बदलती कीमतें
1 सितंबर 2026 से लागू हुई इस नई सर्विस के तहत, बिजनेस मैसेजिंग के लिए अब एक नई टियर-प्राइसिंग लागू की गई है। मार्केटिंग मैसेज के लिए अब आपको ₹0.27 से लेकर ₹0.30 प्रति मैसेज तक चुकाने होंगे, जबकि ट्रांजैक्शनल मैसेज की दर ₹0.25 तय की गई है। वहीं, OTP सेवाओं के लिए दरें ₹0.11 से ₹0.16 के बीच रखी गई हैं। ध्यान रहे, पहले यह फ्लैट रेट ₹0.08 से ₹0.10 के आसपास हुआ करती थी।
क्यों है यह कदम अहम?
Jio का इरादा WhatsApp जैसी OTT कंपनियों के दबदबे को कम करना है। RCS के जरिए कंपनियां वेरिफाइड सेंडर आईडी, हाई-रेजोल्यूशन मीडिया और रीड रिसीट्स जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर सकेंगी। यह स्ट्रैटेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Jio Platforms अपना IPO नवंबर 2026 में लाने की तैयारी कर रहा है। निवेशकों को कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ दिखाने के लिए यह एक बड़ा जरिया बन सकता है।
क्या है रिस्क और चुनौती?
मार्केट में Bharti Airtel और Vodafone Idea भी जल्द ही अपनी RCS सर्विस को बेहतर कर सकते हैं ताकि वे पीछे न रहें। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कंपनियां अपने पुराने वर्कफ्लो को छोड़कर RCS पर कितना भरोसा जताती हैं। साथ ही, TRAI की नजरें इन बदलती दरों पर बनी हुई हैं, क्योंकि पहले भी रेगुलेटर कीमतों को लेकर सख्ती दिखा चुका है।
