Reliance Industries ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की दमदार शुरुआत की है। कंपनी ने पहली तिमाही में **6.1%** की बढ़ोतरी के साथ **₹23,196 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू भी **₹3.40 लाख करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
Reliance Industries के नतीजे
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹23,196 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6.1% ज्यादा है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 24.5% का इजाफा हुआ और यह ₹3.40 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। EBITDA में 10.1% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹54,067 करोड़ रहा। ये नतीजे ग्लोबल मार्केट की उथल-पुथल के बावजूद कंपनी के सभी सेगमेंट्स में स्थिरता को दर्शाते हैं।
Jio Platforms IPO पर फोकस
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर Jio Platforms के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर है। कंपनी ने इसके लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। इस IPO में 270 मिलियन इक्विटी शेयर्स का फ्रेश इश्यू शामिल होगा। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि इस इश्यू का साइज करीब ₹37,700 करोड़ हो सकता है। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा, यानी ₹27,500 करोड़ तक, सब्सिडियरी लेवल पर, खासकर Reliance Jio Infocomm Ltd. के कर्ज को चुकाने या प्री-पेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम कंपनी के अगले चरण के डिजिटल ग्रोथ के लिए बैलेंस शीट को मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा है।
सेग्मेंट वाइज प्रदर्शन
कंपनी का रिटेल बिजनेस भी मजबूत बना हुआ है, जिसमें फिजिकल और डिजिटल स्टोर्स की रणनीतियों ने अहम भूमिका निभाई है। Reliance Consumer Products Ltd. ने पिछले साल के मुकाबले अपने रेवेन्यू में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट को ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल पर बेहतर मार्जिन और सप्लाई चेन की चुनौतियों के कुशल प्रबंधन से फायदा हुआ है। हाल ही में Moody's ने कंपनी की फॉरेन करेंसी डेट रेटिंग को 'Baa1' तक अपग्रेड किया है, जो कंपनी की मजबूत कैश जनरेशन और रेसिलिएंट बैलेंस शीट का प्रमाण है।
आगे क्या?
हालांकि कंपनी लगातार ऑपरेशनल ग्रोथ दिखा रही है, लेकिन निवेशक अब Jio Platforms के IPO की टाइमलाइन और फाइनल वैल्यूएशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। इसके अलावा, नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स की फेज्ड कमीशनिंग भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी, क्योंकि इसमें बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर शामिल हैं जो आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कैश फ्लो और डेट प्रोफाइल को प्रभावित करेंगे। वोलेटाइल ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज के बीच O2C सेगमेंट में मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर भी नजर रखनी होगी।
