अक्टूबर 2026 टेलीकॉम सेक्टर के लिए बेहद अहम रहा है। एक तरफ सरकार ने Reliance Communications का स्पेक्ट्रम वापस ले लिया है, जिससे कंपनी की वैल्यू लगभग खत्म हो गई है, वहीं दूसरी तरफ Jio Platforms ने शानदार लिस्टिंग के साथ अपनी धाक जमा दी है।
अक्टूबर 2026 टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए बड़े बदलावों का गवाह बना है। Reliance Communications (RCom) और Jio Platforms के बीच का फासला अब और भी गहरा हो गया है। एक कंपनी नियामक मार के बाद गहरे संकट में है, तो दूसरी कंपनी ने बाजार में एक सफल लीडर के तौर पर अपनी जगह बना ली है।
RCom के पास अब कुछ नहीं बचा
सरकारी विभाग (DoT) ने 5 अक्टूबर, 2026 को Reliance Communications के स्पेक्ट्रम इस्तेमाल के अधिकारों को रद्द कर दिया है। यह फैसला 13 फरवरी, 2026 के उस ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि स्पेक्ट्रम एक सरकारी संपत्ति है, न कि निजी। इसके चलते RCom का सबसे कीमती एसेट छिन गया है, जबकि कंपनी पर ₹49,054 करोड़ का भारी कर्ज का बोझ है। फिलहाल कंपनी के शेयर एक रुपये से भी कम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो निवेशकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं।
Jio Platforms की धमाकेदार एंट्री
दूसरी तरफ, रिलायंस ग्रुप की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा Jio Platforms ने 28 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी NSE और BSE पर ₹1,358 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुई, जो इसके IPO प्राइस ₹1,119 से 21.36% अधिक है। यह निवेशकों का कंपनी की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सर्विसेज और AI तकनीक पर अटूट भरोसा दिखाता है।
आगे की राह
Reliance Communications अब दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) में उलझी हुई है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। RCom की यह स्थिति कर्ज में डूबी कंपनियों के लिए एक सबक है। वहीं, अब बाजार की निगाहें इस बात पर हैं कि Jio Platforms अपने ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाती है।
