नई डील से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत
RailTel Corporation of India को Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) से ₹255.27 करोड़ (टैक्स सहित) का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस डील के तहत कंपनी टनल (सुरंगों) के लिए इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी। इसमें VHF सिस्टम, CCTV नेटवर्क, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इमरजेंसी कॉल पॉइंट्स शामिल हैं, जो T-8 से T-11 टनल और चार आस-पास के स्टेशन्स को कवर करेंगे। यह 36 किलोमीटर के स्ट्रेच को कवर करेगा और प्रोजेक्ट का काम अप्रैल 2028 तक पूरा होना है, जिससे कंपनी को लंबे समय तक रेवेन्यू मिलता रहेगा। यह ऑर्डर, जो 13 अप्रैल 2026 को मिला, RailTel की मौजूदा प्रोजेक्ट पाइपलाइन में जुड़ गया है। RVNL से ही पहले ₹564.55 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर भी RailTel को मिल चुका है। हालांकि, इस डील की घोषणा वाले दिन 13 अप्रैल 2026 को RailTel के शेयर 0.63% गिरकर ₹284.00 पर बंद हुए।
सरकारी निवेश और मजबूत परफॉर्मेंस, फिर भी वैल्यूएशन की चिंता
RailTel इंडिया के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है, जिसे सरकार से भारी निवेश मिल रहा है। सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में रेलवे के आधुनिकीकरण पर ₹12.2 ट्रिलियन खर्च करने का प्लान बना रही है, वहीं आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए ₹2,93,030 करोड़ का रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) भी रखा गया है। इससे हाई-स्पीड रेल, फ्रेट कॉरिडोर, सुरक्षा अपग्रेड और Kavach जैसे टेक्नोलॉजी डिप्लॉयमेंट की मांग बनी हुई है। RailTel ने खुद भी दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिखाई है, जिसका रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 35.43% बढ़ा है, और Return on Capital Employed (ROCE) 21.8% तथा Return on Equity (ROE) 16.5% रहा है।
लेकिन, RailTel का वैल्यूएशन (Valuation) कई निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पिछले बारह महीनों के हिसाब से 28.71 गुना है। यह कुछ टेलीकॉम कंपनियों के बराबर है, लेकिन Indus Towers (10.7-18x) और Power Grid Corporation (17.9x) जैसी स्थिर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों से ज्यादा है। यह हाई-ग्रोथ वाली टेक फर्मों से भले ही कम हो, लेकिन Tata Communications (31.2x) और Bharti Airtel (39.4x) जैसी कंपनियों के मुकाबले ठीक-ठाक है, पर बहुत सस्ता नहीं कहा जा सकता। पिछले एक साल में ऑर्डर मिलने के बावजूद शेयर में लगभग 3.99% की गिरावट आई है।
एनालिस्ट्स का 'Strong Sell' कॉल और प्रोजेक्ट रिस्क
ज्यादातर मार्केट एनालिस्ट्स का RailTel पर फिलहाल मंदी वाला (Bearish) रुख है, और 'Strong Sell' की रेटिंग बनी हुई है। कई एनालिस्ट्स ने 12 महीने के लिए शेयर के प्राइस टारगेट ₹257-₹263 के बीच रखे हैं, जो मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस से काफी नीचे हैं। एनालिस्ट्स की इस शंका की मुख्य वजह RailTel के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े लंबे समय के प्रोजेक्ट टाइमलाइन हैं। कुछ कॉन्ट्रैक्ट 2028, 2029 या 2031 तक चलते हैं। इतने लंबे समय में महंगाई, अप्रत्याशित लागत वृद्धि और प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले टेक्नोलॉजी के पुराना हो जाने का जोखिम रहता है, जिससे प्रॉफिट कम हो सकता है। RailTel के लिए इंटीग्रेटेड टनल कम्युनिकेशन सिस्टम जैसे जटिल प्रोजेक्ट्स को लागू करने में महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन (Execution) चुनौतियां भी हैं। मार्केट इन एग्जीक्यूशन और प्रॉफिट के जोखिमों को शायद पहले से ही भुना रहा है, जिससे ग्रोथ की उम्मीदों पर लगाम लग सकती है, भले ही रेवेन्यू ग्रोथ 17.5% प्रति वर्ष रहने का अनुमान हो।
Doubts के बीच ग्रोथ का Outlook
आगे चलकर RailTel Corporation के लिए कमाई (Earnings) और रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। अनुमानों के मुताबिक, अगले तीन साल में कमाई की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) करीब 17.7% और रेवेन्यू की CAGR 17.5% रह सकती है। इसका फ्यूचर ROE भी अगले तीन साल में 17.2% रहने का अनुमान है। ये ग्रोथ के आंकड़े मौजूदा एनालिस्ट्स की राय से बिल्कुल अलग हैं। निवेशक फिलहाल इन आशावादी ग्रोथ के अनुमानों के बजाय लंबे समय के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और प्रॉफिट कम होने के वास्तविक जोखिमों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिसके कारण अनिश्चितताओं के चलते वैल्यूएशन आकर्षक नहीं लग रहा। एनालिस्ट्स के इस नकारात्मक नजरिए को बदलने के लिए RailTel को समय पर और बजट के अंदर फायदेमंद प्रोजेक्ट्स डिलीवर करने होंगे।