पीढ़ीगत सक्सेशन प्लान (Generational Succession Plan)
Sunil Bharti Mittal ने Bharti Airtel के नेतृत्व को अगली पीढ़ी को सौंपने के लिए एक 10 साल की योजना तैयार की है। इसका मुख्य लक्ष्य प्रमोटर कंपनी, Bharti Telecom, को Bharti Airtel में 50% से अधिक हिस्सेदारी वापस दिलाना है। Mittal का कार्यकाल चेयरमैन (Chairman) के तौर पर 30 सितंबर, 2031 तक बढ़ा दिया गया है।
हिस्सेदारी बढ़ाने की कवायद (Stake Consolidation Goal)
Bharti Telecom की Bharti Airtel में हिस्सेदारी को लगभग 10% तक बढ़ाने के लिए एक बड़े फंड की ज़रूरत होगी। Mittal का अनुमान है कि इसके लिए मौजूदा शेयर भाव को देखते हुए करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश की ज़रूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि Bharti Telecom की ऐतिहासिक तौर पर एक कंट्रोलिंग हिस्सेदारी रही है और वे इसे फिर से हासिल करना चाहते हैं। इस प्लान के तहत Singtel की सीधी हिस्सेदारी को कम करके मालिकाना हक़ को कंसॉलिडेट किया जाएगा।
अफ्रीका में विस्तार (Expansion in Africa)
Mittal ने Airtel Africa में Bharti Airtel के कंट्रोल को बढ़ाने पर भी चर्चा की। कंपनी ने हाल ही में ₹28,220 करोड़ के शेयर स्वैप (Share Swap) के ज़रिए Airtel Africa में अपनी हिस्सेदारी 16.31% बढ़ाकर लगभग 79% करने को मंजूरी दी थी। अगले 7 साल में बायबैक (Buybacks) और संभावित निवेशक निकास के ज़रिए इसे रेगुलेटरी लिमिट 90% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे Bharti Airtel को ज़्यादा प्रॉफिट मिलेगा और शेयरहोल्डर रिटर्न्स (Shareholder Returns) बढ़ेंगे।
रणनीतिक नज़रिया (Strategic Vision)
Mittal ने Bharti Airtel के लिए ग्लोबल एसेट एक्वीजीशन (Global Asset Acquisitions) पर फोकस करने की बात कही, जो कुछ IT कंपनियों के डिविडेंड (Dividend) और बायबैक (Buyback) पर फोकस करने से अलग है। उनका मानना है कि यह तरीका कंपनियों को मज़बूत रखता है और उन्हें 'अपनी परछाई' बनने से रोकता है। 1976 में स्थापित यह ग्रुप टेलीकॉम, स्पेस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज़ जैसे क्षेत्रों में काम करता है। हाल ही में, एकमुश्त प्रोविज़न्स (One-time Provisions) के कारण मार्च 2026 तिमाही में Bharti Airtel का नेट प्रॉफिट 33.5% गिरा था, हालांकि इसका एनुअल रेवेन्यू ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा रहा।
