Bharti Enterprises के चेयरमैन Sunil Bharti Mittal ने कहा कि Eutelsat OneWeb भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए तैयार है, बस सरकारी मंजूरी का इंतजार है। वहीं, Bharti Airtel अब अपने डेटा सेंटर कैपेसिटी को **1 गीगावाट** तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
सैटेलाइट सेक्टर में बढ़त का दावा
Bloomberg New Economy Forum 2026 में Sunil Bharti Mittal ने साफ किया कि Eutelsat OneWeb, Starlink और Reliance Jio Satcom जैसे दिग्गजों के मुकाबले काफी आगे है। Mittal के अनुसार, उनकी कंपनी का ग्राउंड नेटवर्क पिछले 3 साल से काम कर रहा है और लाइसेंस के लिए अर्जी 5 साल पहले ही दी जा चुकी है। हालांकि, अभी सभी कंपनियां सरकार से स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और सिक्योरिटी क्लीयरेंस का इंतजार कर रही हैं।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का नया ठिकाना
सैटेलाइट के अलावा Airtel का पूरा फोकस अब 'Nxtra' ब्रांड के तहत डेटा सेंटर्स पर है। कंपनी का लक्ष्य 1 गीगावाट की कैपेसिटी हासिल करना है। इसके साथ ही, Airtel एक 'सॉवरेन क्लाउड' प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है, ताकि सरकारी एजेंसियों और डिफेंस सेक्टर की डेटा सुरक्षा जरूरतों को पूरा किया जा सके।
मजबूत फाइनेंशियल और रेटिंग
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालें, तो FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,10,973 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹26,695 करोड़ रहा। इसी मजबूत प्रदर्शन के दम पर जून 2026 में S&P Global Ratings ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर 'BBB+' कर दी है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सैटेलाइट सेक्टर अभी रेगुलेटरी अनिश्चितता के दौर में है। साथ ही, डेटा सेंटर्स और क्लाउड प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश की जरूरत है। हालांकि कंपनी की बैलेंस शीट में सुधार हुआ है, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट्स के चलते फ्यूचर कैश फ्लो पर दबाव और सेक्टर की तगड़ी प्रतिस्पर्धा पर नजर रखना जरूरी है।
