कनेक्टिविटी फर्म Microscan ने अलीबाग में एक नया सबसी (Subsea) केबल लैंडिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की है। इस **₹350 करोड़** के प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई पर निर्भरता कम करना और भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना है।
डिजिटल सुरक्षा की नई दिशा
फिलहाल भारत का पूरा डिजिटल बैकबोन मुंबई के वर्सोवा इलाके पर टिका है, जहाँ 6 किलोमीटर के दायरे में 17 में से 15 इंटरनेशनल सबसी केबल स्थित हैं। जानकारों का कहना है कि इस इलाके में कोई भी छोटी सी तकनीकी खराबी पूरे देश की इंटरनेट सेवाओं को ठप कर सकती है। इसे 'सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर' माना जाता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए Microscan ने मुंबई से 95 किलोमीटर दूर अलीबाग को चुना है, ताकि एक सुरक्षित और वैकल्पिक गेटवे बनाया जा सके।
क्यों है यह प्रोजेक्ट अहम?
यह नया स्टेशन कंपनी के मौजूदा फाइबर नेटवर्क से जुड़ेगा। इसका सीधा फायदा डेटा सेंटर्स, फाइनेंशियल एक्सचेंज और उन कंपनियों को मिलेगा जो क्लाउड और AI सेवाओं के लिए लो-लेटेंसी (Low-latency) कनेक्टिविटी चाहती हैं। हालांकि Microscan एक प्राइवेट अनलिस्टेड कंपनी है और इसके शेयर बाजार में उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह खबर टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
चुनौतियां और जोखिम
इतना बड़ा निवेश जोखिमों से भी भरा है। सबसी केबल स्टेशन बनाना काफी कैपिटल-इंटेंसिव काम है, जिसमें समुद्री कानूनों, पर्यावरण संबंधी मंजूरियों और पानी के अंदर निर्माण की कठिन चुनौतियां शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी को बाजार में स्थापित बड़े टेलीकॉम खिलाड़ियों और कंसोर्टियम से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस प्रोजेक्ट को कितनी जल्दी पूरा करती है और सरकारी मंजूरियों में कितना वक्त लगता है।
