मुनाफे का सफर और 5G का कमाल
कंपनी के रेवेन्यू में भी 12.6% का इज़ाफ़ा देखा गया, जो ₹38,259 करोड़ रहा। इस तिमाही में Jio ने 91 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिससे कुल ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ के पार हो गई। Jio का 5G नेटवर्क अब 26.8 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स को सेवा दे रहा है, जो कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 55% है। प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) भी मामूली बढ़त के साथ ₹214 प्रति माह दर्ज किया गया।
लागतों का दबाव और IPO की ओर बढ़ते कदम
हालांकि, 5G स्पेक्ट्रम के अधिग्रहण में भारी निवेश की वजह से फाइनेंसिंग कॉस्ट में हुई बड़ी बढ़ोतरी ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर कुछ दबाव डाला है। इस वजह से, ₹7,935 करोड़ का नेट प्रॉफिट आया है, जो कि उम्मीदों के अनुरूप होने पर भी, लागतों को दर्शाता है। इस बीच, पेरेंट कंपनी Reliance Industries का मार्केट कैप लगभग ₹17.96 लाख करोड़ के आसपास बना हुआ है।
प्रतिस्पर्धी बाज़ार में Jio की स्थिति
भारतीय टेलीकॉम बाज़ार में, जिसमें कुल 1.33 अरब से ज़्यादा टेलीफोन सब्सक्राइबर हैं, Jio अपनी धाक जमाए हुए है। लेकिन, ARPU के मामले में Bharti Airtel (जिसका ARPU ₹250 है) Jio से आगे निकल गया है। Bharti Airtel ने हालिया तिमाही में 28.5% रेवेन्यू ग्रोथ और 43% नेट प्रॉफिट ग्रोथ हासिल की है। वहीं, Vodafone Idea (Vi) ने भी अपने ARPU को ₹177 तक पहुँचाया है और सब्सक्राइबर बेस को स्थिर करने की कोशिशें जारी हैं।
2026 में बड़ा IPO!
निवेशकों की सबसे बड़ी नज़र Jio Platforms के बड़े IPO पर टिकी है, जिसका लक्ष्य 2026 के मध्य तक रखा गया है। बाज़ार के जानकारों का अनुमान है कि इस IPO से कंपनी का वैल्यूएशन $120 अरब से $180 अरब तक जा सकता है, जो इसे देश का सबसे बड़ा पब्लिक लिस्टिंग बना सकता है। रेगुलेटरी बदलाव भी इस प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं।
भविष्य की राह: AI और नई टेक्नोलॉजी
कंपनी के चेयरमैन Mukesh Ambani ने भविष्य को लेकर उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा, 'Jio आने वाले सालों में भारत के कम्युनिकेशन, कंप्यूटिंग और कंटेंट उपभोग के तरीके को आकार देने के लिए अच्छी स्थिति में है।' Jio का लक्ष्य AI टूल्स और नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी में अपनी भूमिका का विस्तार करना है। 5G रणनीति को सफल बनाना और ARPU को और बढ़ाना, IPO से पहले और बाद में कंपनी की ग्रोथ के लिए अहम साबित होगा।
