Indus Towers Share Price: रेवेन्यू ₹32,493 करोड़ पार, शेयर में आई **2%** की तेजी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indus Towers Share Price: रेवेन्यू ₹32,493 करोड़ पार, शेयर में आई **2%** की तेजी

Indus Towers के शेयरों में आज **2%** से ज़्यादा की तेज़ी देखने को मिली। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹32,493.10 करोड़** का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है, जो मार्जिन पर दबाव दिखा रही है। कंपनी ने **₹14** प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।

रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट का खेल

मंगलवार को Indus Towers के शेयरों में 2.04% का उछाल आया और यह ₹375.50 पर ट्रेड कर रहे थे। यह तेज़ी कंपनी के हालिया फाइनेंशियल अपडेट्स के बाद आई है, जिसमें रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी और मुनाफे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी ने ₹32,493.10 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के ₹30,122.80 करोड़ से ज़्यादा है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण भारत में 5G नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार और टेलीकॉम ऑपरेटर्स की टावर स्पेस की मांग है। हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, इसी अवधि के लिए नेट प्रॉफिट ₹7,144.90 करोड़ रहा, जो मार्च 2025 के ₹9,931.70 करोड़ से कम है।

जून 2026 में समाप्त तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, रेवेन्यू ₹8,431.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹8,057.60 करोड़ से ज़्यादा है। इस लेटेस्ट तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹1,745.80 करोड़ रहा।

मार्जिन पर दबाव और फाइनेंशियल हेल्थ

रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया है। इसका एक मुख्य कारण टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में एनर्जी कॉस्ट का बढ़ना है। ये कॉस्ट अक्सर क्लाइंट्स को पास-ऑन कर दी जाती हैं, लेकिन बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में अस्थिरता आ सकती है। नेट प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट, जो मार्च 2025 में 32.97% थी और मार्च 2026 में 21.98% हो गई, इन कॉस्ट चैलेंजेस को दर्शाती है।

बैलेंस शीट की बात करें तो, कंपनी ने अपने लेवरेज (कर्ज) को मैनेज करने में काफी सुधार दिखाया है। मार्च 2026 तक डेट-टू-इक्विटी रेशियो पिछले साल के 0.07 से घटकर 0.02 हो गया है। इससे पता चलता है कि कंपनी ने उधार पर अपनी निर्भरता कम की है, जो मार्जिन की चुनौतियों के बावजूद फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने में मदद करता है।

शेयरहोल्डर रिटर्न और निवेशकों के लिए खास बातें

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹14 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट 10 अगस्त, 2026 है। लंबे समय के निवेशक इसे कंपनी के कैश फ्लो जनरेशन में भरोसे का संकेत मानते हैं।

आगे चलकर, निवेशकों के लिए सबसे अहम पहलू टेलीकॉम ऑपरेटर्स से कलेक्शन एफिशिएंसी (भुगतान वसूली दर) पर नज़र रखना होगा। टावर लीजिंग बिजनेस में, समय पर भुगतान इकट्ठा करना स्वस्थ कैश फ्लो बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, मार्केट 5G डिप्लॉयमेंट साइकिल और एनर्जी कॉस्ट के पास-थ्रू को कंपनी कैसे मैनेज करती है, इस पर भी नज़र रखेगा, क्योंकि ये सीधे तौर पर प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.