टावर कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल का झंझट
Jefferies के मुताबिक, Indus Towers के लिए सबसे बड़ी चिंता 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत में आने वाली है। इस दौरान कंपनी के कई पुराने टावर कॉन्ट्रैक्ट्स रिन्यू होने हैं। इंडस्ट्री में नए टावर लगने की रफ्तार धीमी पड़ने से इन रिन्यूअल में कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी को या तो किराए (Rent) कम करने होंगे या फिर अपने कई क्लाइंट्स को खोना पड़ सकता है। अनुमान है कि करीब 25% साइट्स का रिन्यूअल नहीं हो पाएगा, जिससे FY27 और FY28 में कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 2.5% की कमी आ सकती है। खास बात यह है कि किराए में छोटी सी भी कटौती कंपनी के रेवेन्यू को बड़े नुकसान पहुंचा सकती है।
कैपेक्स का बढ़ता बोझ
रिन्यूअल की चिंताओं के साथ-साथ Indus Towers पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का बोझ भी बढ़ रहा है। FY26 के पहले नौ महीनों में जहां नए टावर एडिशन लगभग 30% घटे, वहीं कुल कैपेक्स में 38% की सालाना बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी पुराने नेटवर्क को मेंटेन करने और लंबी अवधि में ऑपरेटिंग कॉस्ट कम करने के लिए ग्रीन एनर्जी (जैसे सोलर पावर और लिथियम-आयन बैटरी) में किए जा रहे निवेश के कारण है। Jefferies का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का सालाना कैपेक्स ₹7,200 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के बीच बना रहेगा। ये निवेश भले ही भविष्य में एफिशिएंसी बढ़ाएं, लेकिन फिलहाल ये डेप्रिसिएशन (Depreciation) कॉस्ट बढ़ाते हैं और अर्निंग्स ग्रोथ को धीमा कर रहे हैं। इस बढ़े हुए खर्च से FY27 और FY28 के लिए फ्री कैश फ्लो के अनुमान 22% से 26% तक कम हो सकते हैं, जिससे डिविडेंड भुगतान 15% से 30% तक घट सकता है।
वैल्यूएशन और मार्केट का रिएक्शन
इन चिंताओं के चलते, Jefferies ने Indus Towers के लिए अपना वैल्यूएशन मीट्रिक घटाकर 6.5x Enterprise Value to Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation (EV/EBITDA) कर दिया है। इसके आधार पर ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस ₹375 तय किया है, जो मौजूदा भाव से लगभग 14% की गिरावट का संकेत देता है। कंपनी का स्टॉक फिलहाल ₹435 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हाल ही में अप्रैल 2025 में भी ऐसी ही रिन्यूअल चिंताओं के चलते स्टॉक में 5% की गिरावट आई थी। ज्यादातर एनालिस्ट अभी इस स्टॉक को 'होल्ड' पर रखने की सलाह दे रहे हैं, और कई लोगों ने अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
स्ट्रक्चरल कमजोरियां
अपनी मजबूत मार्केट पोजिशन के बावजूद, Indus Towers में कुछ स्ट्रक्चरल कमजोरियां हैं जिन पर नजर रखने की जरूरत है। कंपनी अपने रेवेन्यू के लिए कुछ बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर बहुत ज्यादा निर्भर है। Vodafone Idea जैसी कंपनियों की अपनी वित्तीय और स्ट्रेटेजिक समस्याएं इसके लिए एक जोखिम पैदा करती हैं। इसके अलावा, पुराने नेटवर्क को मेंटेन करने और अपग्रेड करने के साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी में लगातार भारी निवेश फ्री कैश फ्लो पर लगातार दबाव डाल रहा है।