Vi की स्टेबिलिटी ने बढ़ाई डिविडेंड की उम्मीद
Indus Towers के शेयरधारकों के लिए लंबे समय से इंतजार का दौर जल्द खत्म हो सकता है। कंपनी अपने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ शेयरधारकों को डिविडेंड (Dividend) वापस देने पर विचार कर सकती है। इस फैसले की मुख्य वजह Vodafone Idea (Vi) की वित्तीय स्थिति में आया सुधार है। Vi को AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाये पर सरकारी राहत मिलने के बाद उसकी पेमेंट स्टेबिलिटी बढ़ी है, जिससे Indus Towers को भी राहत मिली है।
आपको बता दें कि Indus Towers पिछले 12 तिमाहियों से डिविडेंड नहीं दे रही थी, क्योंकि Vi की पेमेंट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब सरकार Vi के AGR बकाये को 10 साल की अवधि में चुकाने की मोहलत दी है, जिसकी पहली किश्त मार्च 2026 के बाद ₹124 करोड़ के आसपास होगी। इसके अलावा, दिसंबर 2025 तक करीब ₹87,695 करोड़ की प्रिंसिपल राशि फ्रीज कर दी गई है। Vi से मिलने वाले पैसे (Receivables) अब समय पर मिल रहे हैं और क्रेडिट पीरियड के भीतर हैं। आखिरी बार कंपनी ने मई 2022 में ₹11 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया था।
अफ्रीका में विस्तार और डेट फंडिंग
घरेलू बाजार के अलावा, Indus Towers अपनी ग्लोबल पहचान बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कंपनी तीन अफ्रीकी देशों में ऑर्गेनिक, ग्रीनफील्ड टावर लगाने की योजना पर काम कर रही है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य रेवेन्यू के नए स्रोत बनाना है। इस इंटरनेशनल विस्तार के लिए शुरुआती कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) डेट (Debt) के जरिए फंड किया जाएगा। हालांकि, कंपनी अभी भी फाइनल फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर और डेट के स्तर पर विचार कर रही है।
मार्जिन पर दबाव, पर वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक
Indus Towers ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में ₹8,146.30 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 7.94% ज्यादा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 55.64% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹1,775.90 करोड़ रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल के असाधारण बेस इफेक्ट के कारण है। ऑपरेटिंग मार्जिन 54.85% पर मजबूत बने हुए हैं, लेकिन पिछले साल की समान तिमाही के 92.19% के मुकाबले इनमें कुछ कमी आई है। यह बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट की ओर इशारा करता है।
इन दबावों के बावजूद, Indus Towers का वैल्यूएशन (Valuation) काफी आकर्षक दिख रहा है। कंपनी का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेशियो लगभग 10-12x है, जो अमेरिकन टावर (~29x) जैसे प्रतिस्पर्धियों से काफी कम है। इसके अलावा, कंपनी का ROE (Return on Equity) 30% से ऊपर है, जो इंडस्ट्री एवरेज 21% के मुकाबले काफी मजबूत है।
सेक्टर की ग्रोथ और भविष्य की उम्मीदें
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर 5G के बढ़ते विस्तार, डेटा की बढ़ती खपत (प्रति सब्सक्राइबर हर महीने औसतन 30 GB) और सरकारी नीतियों के समर्थन से एक मजबूत ग्रोथ इंजन बना हुआ है। ऐसे में, Indus Towers जैसी कंपनियों के लिए भविष्य में अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में, कंपनी का Mojo Score 'Sell' से अपग्रेड होकर 'Hold' हो गया है। कुछ एनालिस्ट्स (Analysts) ने 'Reduce' या 'Sell' रेटिंग दी है, लेकिन कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और भविष्य की वैल्यू को देखते हुए बाजार का सेंटिमेंट (Sentiment) मिला-जुला लेकिन आशावादी बना हुआ है। कंपनी का शेयर फिलहाल लगभग ₹446 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।