Q4 के नतीजे बनाम पूरे साल की गिरावट, डिविडेंड का फैसला
Indus Towers के फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,793 करोड़ पर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग वैसा ही है। इस दौरान रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹8,101 करोड़ हो गया, और EBITDA में 1.6% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹4,464 करोड़ रहा।
हालांकि, इन तिमाही नतीजों के उलट, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 7.9% की बढ़त के साथ यह ₹32,493 करोड़ पर पहुंचा, लेकिन नेट प्रॉफिट में भारी 28.1% की गिरावट आई और यह ₹7,145 करोड़ रह गया। EBITDA भी पिछले साल के मुकाबले 13.8% घटकर ₹17,976 करोड़ पर आ गया।
प्रॉफिट में इस गिरावट के साथ ही कंपनी के रिटर्न मेट्रिक्स में भी कमी आई। प्री-टैक्स रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 44.2% से घटकर 26.6% हो गया, और पोस्ट-टैक्स ROE 33.4% से गिरकर 19.8% पर आ गया।
इन सब के बीच, बोर्ड द्वारा FY26 के लिए ₹14 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का सुझाव दिया गया है। यह फैसला कई सवाल खड़े करता है - क्या यह मैनेजमेंट का भविष्य की कमाई में रिकवरी को लेकर भरोसा है, या फिर बढ़ती चुनौतियों के बीच मुनाफे पर दबाव के बावजूद यह कैपिटल एलोकेशन का फैसला है?
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत ग्रोथ के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन Indus Towers के शेयरों पर एनालिस्ट्स की राय फिलहाल बंटी हुई है।
