भारतीय टेलीकॉम कंपनियां जल्द ही मोबाइल टैरिफ में **12-15%** तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। अगले 5 महीनों के भीतर होने वाले इस बदलाव का मकसद ARPU में सुधार करना है, जिससे टेलीकॉम सेक्टर में मुनाफे की रफ्तार और तेज हो सके।
टेलीकॉम सेक्टर अब आक्रामक सब्सक्राइबर जोड़ने के बजाय अपनी प्रॉफिटेबिलिटी पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। मार्केट में अब केवल तीन मुख्य खिलाड़ी—Bharti Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea—ही बचे हैं, जिसके चलते कंपनियों के पास अपनी कीमतें बढ़ाने की ताकत बढ़ गई है।
प्रमुख खिलाड़ियों की रणनीति
मार्केट लीडर्स अपनी ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उम्मीद है कि Bharti Airtel का ARPU बढ़कर ₹269 के करीब पहुंच जाएगा, जो 2G से 4G और 5G पर ग्राहकों के शिफ्ट होने से संभव होगा। वहीं, Reliance Jio भी अपने 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ ARPU को ₹218 तक ले जाने की कोशिश में है।
Vodafone Idea के लिए बड़ी चुनौती
सेक्टर में Vodafone Idea का प्रदर्शन निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय है। कंपनी को अपना नेटवर्क प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए ₹450 अरब का कैपिटल एक्सपेंडिचर करना है। इसके लिए कंपनी बैंकों के साथ ₹250 अरब की फंड जुटाने की बातचीत कर रही है, जिस पर बाजार की पैनी नजर है।
बुनियादी ढांचा और जोखिम
इस बदलाव का फायदा Indus Towers और Tata Communications जैसी कंपनियों को भी मिल रहा है। हालांकि, टैरिफ में इस बढ़ोतरी से ग्राहकों के घटने (Churn) का रिस्क भी बना हुआ है। साथ ही, AGR बकाया और TRAI के नए पारदर्शी नियमों के कारण कंपनियों पर रेगुलरिटी दबाव भी बरकरार है। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनियां बिना सब्सक्राइबर खोए इन कीमतों को लागू कर पाती हैं या नहीं।
