Telecom Sector: इनोवेशन को मिलेगी रफ्तार! सरकार लाई नए 'Regulatory Sandbox' नियम

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AuthorMehul Desai|Published at:
Telecom Sector: इनोवेशन को मिलेगी रफ्तार! सरकार लाई नए 'Regulatory Sandbox' नियम

सरकार ने Telecommunications (Regulatory Sandbox) Rules, 2026 का ऐलान किया है। इसके तहत अब कंपनियां सुरक्षित माहौल में नई तकनीकों का परीक्षण कर सकेंगी, जिससे पुराने कड़े नियमों की बाधा कम होगी और नए प्रोडक्ट जल्दी मार्केट में आएंगे।

भारत सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए Telecommunications (Regulatory Sandbox) Rules, 2026 पेश किए हैं। यह नीति कंपनियों को नए नेटवर्क और डिजिटल सर्विसेज को बिना किसी भारी रेगुलेटरी दबाव के टेस्ट करने की छूट देती है।\n\n### इनोवेशन के लिए नया रास्ता\n\nअब तक Telecommunications Act, 2023 और TRAI Act, 1997 के तहत कंपनियों को लंबी मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। इस नए सैंडबॉक्स के जरिए सरकार उन नियमों में अस्थायी छूट देगी जो पहले इनोवेशन की राह में रोड़ा बनते थे। इससे भारत में नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस के विकास को बढ़ावा मिलेगा।\n\n### कड़ी निगरानी और सुरक्षा\n\nभले ही सैंडबॉक्स में छूट दी गई है, लेकिन सरकार का पूरा कंट्रोल बना रहेगा। किसी भी कंपनी को ट्रायल की इजाजत तभी मिलेगी जब वह कड़ी योग्यता शर्तों और रिस्क मैनेजमेंट प्रोटोकॉल को पूरा करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा से समझौता किए बिना विकास को गति देना है।\n\n### ट्रायल की समय सीमा\n\nइन प्रोजेक्ट्स के लिए शुरुआती ट्रायल पीरियड 24 महीने रखा गया है। हालांकि, अगर प्रोजेक्ट को और समय की जरूरत पड़ती है, तो अधिकारी इसे 12 महीने के लिए और बढ़ा सकते हैं।\n\nनिवेशकों के नजरिए से देखें तो यह एक बड़ा पॉजिटिव बदलाव है, क्योंकि इससे आरएंडडी (R&D) में निवेश का जोखिम कम होगा। अब देखना यह होगा कि टेलीकॉम कंपनियां कितनी जल्दी इन सैंडबॉक्स का उपयोग करके AI-ड्रिवन कम्युनिकेशन और IoT जैसे एडवांस सॉल्यूशंस को जनता तक लाती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.