भारत के टेलीकॉम सेक्टर का Adjusted Gross Revenue अप्रैल-जून तिमाही में **₹88,796 करोड़** पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर **9.19%** ज्यादा है। हालांकि, ग्राहकों की संख्या और डेटा खपत बढ़ने के बावजूद प्रति जीबी कमाई में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
भारत के टेलीकॉम सेक्टर ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही में ₹88,796 करोड़ का Adjusted Gross Revenue (AGR) हासिल किया है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले यह 9.19% की बढ़त है, जबकि कुल ग्रॉस रेवेन्यू बढ़कर ₹1,06,797 करोड़ पर पहुंच गया है।
बाजार के दिग्गज और हिस्सेदारी
Reliance Jio ने अपनी बादशाहत बरकरार रखते हुए ₹33,226 करोड़ का AGR दर्ज किया है और कंपनी के पास 44.62% मार्केट शेयर है। वहीं, Bharti Airtel 40.03% शेयर के साथ ₹29,803 करोड़ की कमाई के साथ दूसरे नंबर पर है। Vodafone Idea की बाजार हिस्सेदारी 11.35% (₹8,448 करोड़) रही, जबकि BSNL का योगदान इस पूल में काफी कम बना हुआ है।
डेटा खपत बनाम कमाई का विरोधाभास
देश में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.11 बिलियन हो गई है। यूजर्स प्रति माह औसतन 28.39 GB डेटा खर्च कर रहे हैं, जो डिजिटल खपत में बड़े उछाल को दर्शाता है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि डेटा खपत बढ़ने के बावजूद प्रति जीबी कमाई में 5.07% की गिरावट आई है और यह घटकर ₹7.13 रह गई है। यह सेक्टर में मची जबरदस्त प्राइसिंग वॉर को साफ बयां करता है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
टेलीकॉम कंपनियां अब केवल डेटा पर निर्भर हैं, क्योंकि वॉयस कॉल का इस्तेमाल 2.65% घटकर प्रति यूजर 933 मिनट प्रति माह रह गया है। निवेशकों के लिए अब Average Revenue Per User (ARPU) की स्थिरता पर नजर रखना सबसे जरूरी है। भविष्य में कंपनियां ग्राहकों को प्रीमियम प्लान्स की ओर कैसे शिफ्ट करती हैं और क्या प्राइसिंग मॉडल में सुधार होता है, यही कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को तय करेगा।
