सब्सक्राइबर ग्रोथ: एयरटेल सबसे आगे, जियो की पकड़ मजबूत
मार्च 2026 के लिए जारी हुए लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में कुल 9.28 मिलियन नए ग्राहक जुड़े, जिससे कुल सब्सक्राइबर बेस 1.331 बिलियन तक पहुंच गया। इस दौरान, Bharti Airtel ने सबसे ज़्यादा 5.09 मिलियन वायरलेस सब्सक्राइबर जोड़े, जो Reliance Jio के 3.23 मिलियन ग्राहकों से काफी ज्यादा है। मार्केट शेयर की बात करें तो Reliance Jio अपनी बढ़त बनाए हुए है, जिसका शेयर 39.21% है, वहीं Airtel का शेयर थोड़ा बढ़कर 37.74% हो गया है।
वोडाफोन आइडिया की बढ़त: क्या है इसके पीछे?
दूसरी ओर, Vodafone Idea (Vi) ने इस महीने 103,000 नए ग्राहक जोड़े, जो लगातार दूसरे महीने की ग्रोथ है। लेकिन, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से लो-रेवेन्यू वाले Machine-to-Machine (M2M) कनेक्शन की वजह से है। इन M2M ग्राहकों को हटा दें तो Vi के असल मोबाइल सब्सक्राइबर 160,000 कम हुए हैं। हालांकि कंपनी का कस्टमर चर्न रेट (Customer Churn Rate) थोड़ा सुधरा है, लेकिन सिर्फ M2M पर निर्भरता दिखाती है कि कोर मोबाइल यूजर बेस को आकर्षित करने में Vi अपने प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ रही है।
5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA): जियो की शुरुआती बढ़त
5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) की दौड़ में Reliance Jio आगे निकलती दिख रही है। मार्च में Jio ने 0.24 मिलियन 5G FWA ग्राहक जोड़े, जिससे इसका बेस बढ़कर 8.58 मिलियन हो गया। Airtel ने 0.15 मिलियन ग्राहक जोड़े, जिससे उसके 5G FWA यूजर्स 3.74 मिलियन तक पहुंचे। 5G कनेक्टिविटी में यह शुरुआती बढ़त Jio को भविष्य में बड़े मार्केट शेयर और रेवेन्यू हासिल करने में मदद कर सकती है।
फाइनेंशियल हेल्थ: ऑपरेटर्स के बीच बड़ा अंतर
इन टेलीकॉम ऑपरेटर्स के फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) के आंकड़े काफी अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। Bharti Airtel, जो कि एक बड़ी कंपनी है, का P/E रेश्यो 30.79 से 36.67 के बीच है और इसकी मार्केट वैल्यू करीब ₹11.3 लाख करोड़ है। Jio की पैरेंट कंपनी Reliance Industries का वैल्यूएशन लगभग ₹18.4 लाख करोड़ है, जिसका P/E रेश्यो 24.0 है। वहीं, Vodafone Idea का वैल्यूएशन करीब ₹1.03 लाख करोड़ है, लेकिन कंपनी निगेटिव अर्निंग्स (Negative Earnings) और लगातार घाटे में चल रही है।
वोडाफोन आइडिया की फाइनेंशियल मुश्किलें
Vodafone Idea की फाइनेंशियल कंडीशन चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी का निगेटिव इक्विटी (Negative Equity) और घाटा, साथ ही भारी कर्ज निवेशकों को परेशान कर रहा है। एनालिस्ट (Analysts) की राय बंटी हुई है; कई ₹6-7 के टारगेट प्राइस पर 'Sell' की सलाह दे रहे हैं, जबकि कुछ ₹9-10 के करीब टारगेट के साथ 'Hold' या 'Add' का सुझाव दे रहे हैं। हाल ही में भारत सरकार ने Vi में अपनी हिस्सेदारी 48.99% तक बढ़ा ली है, जो कंपनी के संचालन को जारी रखने के लिए सरकारी सहायता पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है। यह स्थिति Airtel और Reliance Industries की मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन से बिल्कुल अलग है। हालांकि Vi का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) Q3FY26 में बढ़कर ₹186 हो गया है, पर मार्च 2026 में इसका कुल मार्केट शेयर गिरकर 15.68% पर आ गया।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की राह
कुल मिलाकर, एनालिस्ट Bharti Airtel को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिसका टारगेट प्राइस करीब ₹1925 है। Reliance Industries को भी 'Buy' रेटिंग्स और ऊंचे प्राइस टारगेट्स मिल रहे हैं। Vodafone Idea का भविष्य अधिक अनिश्चित लग रहा है। कुछ एनालिस्ट 22% तक की बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं, लेकिन ज्यादातर की राय 'Hold' या 'Sell' की है, कंपनी की मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए। 21 एनालिस्ट्स की आम राय के अनुसार, Vi का औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹9.76 है, जो सीमित अपसाइड और महत्वपूर्ण डाउनसाइड रिस्क की ओर इशारा करता है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या Vi अपने M2M सर्विसेज से आगे बढ़कर प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल कर पाती है और अपने कर्ज को संभाल पाती है।
