India Mobile Congress 2026: टेलिकॉम सेक्टर में 6G और AI का दौर, बदल रही है निवेश की दिशा

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Mobile Congress 2026: टेलिकॉम सेक्टर में 6G और AI का दौर, बदल रही है निवेश की दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2026 को 10वें India Mobile Congress का उद्घाटन किया। यह इवेंट अब केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि अब फोकस 6G टेक्नोलॉजी, AI-ड्रिवन नेटवर्क और डिजिटल सुरक्षा (Cybersecurity) पर शिफ्ट हो गया है, जो आने वाले समय में टेलिकॉम कंपनियों की रणनीति तय करेगा।

नई दिल्ली में आयोजित 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) में सरकार ने साफ कर दिया है कि अब भारत का लक्ष्य केवल तकनीक का उपयोग करना नहीं, बल्कि उसे विकसित करना है। देश में अब 5,50,000 से ज्यादा 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं और इंटरनेट स्पीड में 10 गुना तक इजाफा हुआ है। अब इंडस्ट्री 'स्केल विदाउट बाउंड्रीज' की थीम पर आगे बढ़ रही है।

सुरक्षा और इनोवेशन पर दांव

प्रधानमंत्री ने साइबर फ्रॉड और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत पर जोर दिया। इसका सीधा असर टेलिकॉम कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर पड़ेगा, क्योंकि अब कंपनियों को AI-नेटिव और क्वांटम-सेफ प्रोटोकॉल पर बड़ा निवेश करना होगा। साइबर सुरक्षा अब केवल एक फीचर नहीं, बल्कि एक अनिवार्य बिजनेस खर्च बन गई है।

भारत का IP पर फोकस

'Bharat 6G Alliance' ने अब तक 7,700 पेटेंट हासिल कर लिए हैं, जो यह दिखाता है कि भारत अब वायरलेस टेक्नोलॉजी के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स तय करने की रेस में शामिल है। इसका उद्देश्य विदेशी वेंडर्स पर निर्भरता को कम करना है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों को अब कंपनियों के R&D खर्च और सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी के एडॉप्शन पर नजर रखनी चाहिए। चुनौती यह है कि कंपनियां 6G और AI अपग्रेड के खर्च को बैलेंस करते हुए अपने मुनाफे (Margins) को कैसे बरकरार रखती हैं। यह भविष्य की ग्रोथ और बिजनेस मॉडल की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा टेस्ट होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.