अगस्त के महीने में भारत का मोबाइल यूजर बेस बढ़कर **1.29 अरब** के स्तर पर पहुंच गया है। इसमें **55 लाख** नए सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं, जिनमें से **80%** से ज्यादा हिस्सेदारी अकेले Reliance Jio और Bharti Airtel ने हासिल की है।
मार्केट में एकाधिकार की बढ़ती तस्वीर
TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में ग्राहकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अगस्त में आए इन 55 लाख नए ग्राहकों में से 45 लाख से ज्यादा यूजर्स का मालिकाना हक Reliance Jio और Bharti Airtel के पास गया है। वहीं दूसरी ओर, Vodafone Idea ने 5.06 लाख और BSNL ने 4.93 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं, जबकि MTNL को 5,900 ग्राहकों का नुकसान झेलना पड़ा है।
शहरी बनाम ग्रामीण चुनौती
डेटा से एक बड़ी चिंता यह उभर कर आ रही है कि ग्रोथ का पूरा जोर शहरों में है। शहरी वायरलेस सब्सक्रिप्शन 0.70% बढ़कर 74.88 करोड़ हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह ग्रोथ लगभग सपाट (0.06%) रही है, जो 54.45 करोड़ तक पहुंची है। भारत में टेली-डेंसिटी का यह फासला—शहरी क्षेत्रों में 155% और ग्रामीण इलाकों में महज 61.12%—इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती है।
ब्रॉडबैंड पर शिफ्ट हो रहा फोकस
सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि कुल टेलीफोन सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा 1.36 अरब पार कर गया है। वायरलाइन कनेक्शन में भी 0.93% की बढ़त देखी गई है, जो 4.84 करोड़ हो गए हैं। इसके अलावा, ब्रॉडबैंड सेगमेंट 1.1 अरब के पार निकल चुका है। टेलिकॉम कंपनियां अब केवल मोबाइल ग्राहकों पर निर्भर रहने के बजाय हाई-स्पीड इंटरनेट और फिक्स्ड-लाइन सेवाओं पर दांव लगा रही हैं ताकि भविष्य में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।
अब निवेशकों की नजर इन बड़ी टेलिकॉम कंपनियों की अगली तिमाही के नतीजों पर होगी, जिससे यह साफ हो पाएगा कि यह 'यूजर ग्रोथ' वाकई में कंपनी के कैश फ्लो और प्रॉफिट मार्जिन में कितनी तब्दीली ला पा रही है।
